गूगल अपने करोड़ों यूजर्स के लिए समय-समय पर नए-नए फीचर्स लाता रहता है। अब कंपनी ने एक बार फिर से यूजर्स के लिए एक धमाकेदार फीचर पेश कर दिया जाता है। गूगल का नया फीचर प्राइवेसी की एक एक्स्ट्रा लेयर यूजर्स को देने वाला है। दरअसल गूगल की तरफ से एंड्रॉयड यूजर्स के लिए लोकेशन शेयरिंग से रिलेटेड नया फीचर पेश कर दिया है। अब यूजर्स किसी वेबसाइट के दौरान अपनी रियल लोकेशन को छुपा सकते हैं। मतलब वेबसाइट को यूजर्स की बिल्कुल सही GPS लोकेशन नहीं मिलेगी।
गूगल मोबाइल यूजर्स के लिए लाया नया प्राइवेसी फीचर। (फोटो क्रेडिट-Digit)
आपको बता दें कि अब तक जब भी कोई वेबसाइट लोकेशन की परमिशन मांगती थी तो अप्रूवल देने से उसे यूजर्स की रियल लोकेशन मालूम चल जाती थी लेकिन अब नए अपडेट के बाद एंड्रॉयड यूजर्स के हांत में यह कंट्रोल होगा कि वह Exact Location देना चाहते हैं कि नहीं। यूजर्स के पास अब Approximate Location देने का भी ऑप्शन मौजूद होगा।
रियल लोकेशन देने की जरूरत नहीं है
Google की तरफ से शेयर की गई जानकारी के अनुसार कई सारी वेबसाइट्स जैसे लोकल न्यूज, मौसम की जानकारी देने वाली वेबसाइट्स या फिर आसपास की सामान्य अपडेट्स देने वाली वेबसाइट्स यूजर्स से रियल लोकेशन की मांग करती हैं। अब यूजर्स ऐसी वेबसाइट्स को रियल जीपीएस लोकेशन न देने के बजाए अनुमानित लोकेशन दे पाएंगे। अब मोबाइल यूजर्स को हर बार अपनी सटीक लोकेशन देने की जरूरत नहीं होगी।
इन कामों के लिए जरूरी होगी रियल टाइम लोकेशन
हालांकि गूगल ने यह भी साफ किया है कि जिन सेवाओं के लिए रियल टाइम लोकेशन की जरूरत होती है जैसे- नेविगेशन, फूड डिलीवरी, टैक्सी बुकिंग या फिर आस-पास के ATM और किसी ऑफिशस को तलाशना है तो ऐसी कंडीशन में यूजर्स के पास Precise Location का ऑप्शन भी होगा। कंपनी के मुताबिक इस बदलाव और नए फीचर का एक मात्र उद्देश्य यूजर्स की प्राइवेस को बेहतर बनाना है। कई सारी वेबसाइट्स जरूरत से ज्यादा यूजर्स की लोकेशन को ट्रैक करती हैं जिससे पर्सनल जानकारी खतरे में पड़ सकती है। गूगल का Approximate Location फीचर इस समस्या को सॉल्व करने में मदद करेगा।
फिलहाल इस Approximate Location को सिर्फ मोबाइल यूजर्स के लिए पेश किया है लेकिन कंपनी ने बताया है कि जल्द ही इसे क्रोम के डेस्कटॉप वर्जन के लिए भी पेश किया जाएगा। इसके अलावा गूगल डेवलपर्स यूजर्स के लिए एक नए APIs भी लाने की तैयारी कर रही है। इससे वेबसाइट्स यह तय कर पाएंगी कि उन्हें अनुमानित लोकेशन चाहिए या नहीं।
