भारत में डेटा सेंटर लगाने विदेशी कंपनियों से नहीं लिया जाएगा टैक्स, यह है शर्त

घरेलू आर्थिक गतिविधियों से होने वाली आय पर लाभ यानी , निवासी डेटा सेंटर द्वारा वैश्विक इकाई को दी गई डेटा सेंटर सेवाएं और निवासी ’रीसेलर’ इकाई द्वारा भारतीय ग्राहकों को क्लाउड सेवाओं की ’रीसेल’ अन्य घरेलू कंपनियों की तरह ही कर योग्य रहेगा।

वैश्विक स्तर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों को 20 साल की कर छूट देने का बजट प्रस्ताव केवल उन्हीं कंपनियों पर लागू होगा, जिन्होंने भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से अधिसूचित डेटा सेंटर स्थापित किया है। ऐसे मामलों में इन विदेशी कंपनियों की वैश्विक आय पर भारत में कर लगाए जाने का कोई जोखिम नहीं होगा। वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

cloud data center

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भारतीय डेटा सेंटर से कम खतरा

पीटीआई/भाषा के मुताबिक सूत्रों ने कहा कि बजट की यह घोषणा उन विदेशी कंपनियों को भी निश्चितता प्रदान करेगी, जो भारत में डेटा सेंटर से क्लाउड सेवाएं और खरीद सेवाएं प्राप्त करने के कारोबार में हैं। सूत्रों ने कहा, ’’ अब भारतीय डेटा सेंटर वैश्विक क्लाउड इकाइयों को आत्मविश्वास के साथ अपनी सेवाएं दे सकते हैं क्योंकि इन वैश्विक इकाइयों को भारतीय डेटा सेंटर का उपयोग करने पर किसी कर जोखिम की आशंका नहीं रहेगी।’’

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