यदि आप इंटरनेट के लिए ब्राडबैंड या वाई-फाई का इस्तेमाल करते हैं तो आपकी इंटरनेट स्पीड जल्द ही बढ़ने वाली है। सरकार ने 6 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम बैंड के निचले हिस्से को लाइसेंस फ्री करने का फैसला किया है, जिससे 500 मेगाहर्ट्ज एयरवेव उपलब्ध हो सकेंगी। दूरसंचार विभाग (DoT) ने मसौदा नियम पोस्ट किए हैं, जिन पर 15 जून तक टिप्पणियां मांगी गई हैं, जिसके बाद रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
Fast WiFi Speeds
क्या होगा यूजर्स का फायदा?
एक्सपर्ट्स ने कहा कि 6 गीगाहर्ट्ज बैंड 9.6 गीगाबिट प्रति सेकंड (Gbps) तक की डेटा स्पीड दे सकता है, जबकि 5 गीगाहर्ट्ज बैंड में 1.3 Gbps और 2.4 गीगाहर्ट्ज बैंड में 600 मेगाबिट प्रति सेकंड (Mbps) की स्पीड मिल सकती है। यानी इससे यूजर्स को फास्ट इंटरनेट मिलेगा। अमेरिका, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया सहित 84 से अधिक देशों ने पहले ही वाई-फाई सेवाओं के लिए 6 गीगाहर्ट्ज बैंड को लाइसेंस फ्री कर दिया है।
अभी क्या है व्यवस्था?
भारत में वाई-फाई सर्विस वर्तमान में 2.4 गीगाहर्ट्ज और 5 गीगाहर्ट्ज बैंड के माध्यम से दी जाती हैं। ये भीड़भाड़ वाले हैं और ऑनलाइन गेमिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, असिस्टेड रियलिटी और वर्चुअल रियलिटी आदि जैसे डेटा-भारी एप्लीकेशन के लिए सीमित स्पीड और क्षमता प्रदान करते हैं। ऐसे में 6 गीगाहर्ट्ज बैंड से इन सेक्टर के अलावा फास्ट डेटा ट्रांसफर में भी काफी मदद मिलेगी।
टेक कंपनियों के लिए बड़ी जीत
नए बैंड के खुलने से भारत में 6 गीगाहर्ट्ज पर काम करने वाले लेटेस्ट वाईफाई राउटर का भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लाइसेंस हटाने या नीलामी के बिना एयरवेव का आवंटन भारत में वाई-फाई 6ई और 7 जैसी अगली जनरेशन की टेक्नोलॉजी की तैनाती का मार्ग प्रशस्त करेगा और इसे मेटा, गूगल, अमेजन और क्वालकॉम जैसी टेक कंपनियों के लिए बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
