Digital Bharat Nidhi: ‘डिजिटल भारत निधि’ अब शहरी क्षेत्रों में टेलीकॉम सर्विस के प्रावधान को अतिरिक्त बेंचमार्क के साथ समर्थन देगी। इसमें ऐसी सर्विस को किफायती बनाना और उनकी सुरक्षा बढ़ाना शामिल है। आधिकारिक बयान में सोमवार को इस 80,000 करोड़ रुपये की डिजिटल भारत निधि के विस्तार की जानकारी दी गई।
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डिजिटल भारत निधि
दूरसंचार अधिनियम 2023 के अंतर्गत इस योजना को पिछले सप्ताह अधिसूचित किया गया था। बयान में कहा गया, ‘‘डिजिटल भारत निधि के तहत आने वाले प्रोजेक्ट और स्कीम को नियमों में निर्धारित एक या अधिक मानदंडों को पूरा करना होगा। इनमें मोबाइल तथा ब्रॉडबैंड सर्विस सहित टेलीकॉम सर्विस के प्रावधान और टेलीकॉम सर्विस की आपूर्ति के लिए आवश्यक दूरसंचार उपकरण, दूरसंचार सुरक्षा को बढ़ाने, कम सुविधा वाले ग्रामीण, दूरदराज तथा शहरी क्षेत्रों में टेलीकॉम सर्विस की पहुंच और सामर्थ्य में सुधार लाने के लिए प्रोजेक्ट शामिल हैं। ’’
पहले ये थे नियम
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में सरकार के पास 79,638 करोड़ रुपये का शेष था। ‘डिजिटल भारत निधि’ को पहले यूनिवर्सल सर्विसेज ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओएफ) के नाम से पहचाना जाता था, जो पहले केवल ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नेटवर्क शुरू करने में सहायता करता था।
क्या हुआ बदलाव
सरकार ने दूरसंचार अधिनियम 2023 के तहत इनोवेशन, रिसर्च व डेवलपमेंट, स्वदेशी टेक्नोलॉजी विकास के व्यावसायीकरण, राष्ट्रीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्रासंगिक मानकों की स्थापना तथा अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण निकायों द्वारा उनके मानकीकरण, स्टार्ट-अप को प्रोत्साहित करने और दूरसंचार क्षेत्र में सतत व ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए निधि के दायरे का विस्तार किया है।
इनपुट-भाषा
