CSIR-SERC ने लघु उद्योग भारती के सदस्य को सुरक्षा बूथ की तकनीक किया ट्रांसफर

CSIR-SERC (संरचनात्मक अभियांत्रिकी अनुसंधान केंद्र) ने हाई वेलोसिटी मल्टी-हिट रेजिस्टेंट मूवेबल प्रोटेक्टिव बूथ/शैक नामक उन्नत सुरक्षा तकनीक को एम/एस सेहगल डोर्स, नई दिल्ली को ट्रांसफर किया है।

CSIR (वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद) द्वारा चलाए जा रहे "100 दिन, 100 तकनीक" कार्यक्रम के तहत MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को आधुनिक और स्वदेशी तकनीक उपलब्ध कराई जा रही है ताकि वे अपनी प्रतिस्पर्धा बढ़ा सकें। इस पहल के तहत, CSIR-SERC (संरचनात्मक अभियांत्रिकी अनुसंधान केंद्र) ने "हाई वेलोसिटी मल्टी-हिट रेजिस्टेंट मूवेबल प्रोटेक्टिव बूथ/शैक" नामक उन्नत सुरक्षा तकनीक को एम/एस सेहगल डोर्स, नई दिल्ली को हस्तांतरित किया है। सेहगल डोर्स, जो लघु उद्योग भारती (LUB) के सदस्य हैं, पहले से ही उच्च गुणवत्ता वाले अग्निरोधक और सुरक्षा दरवाजे बनाने में प्रसिद्ध हैं। अब वे इस नई तकनीक का उपयोग कर सुरक्षा बूथ का उत्पादन करेंगे।

CSIR-SERC transferred Security Booth technology

तकनीक हस्तांतरण कार्यक्रम

तकनीक हस्तांतरण कार्यक्रम

यह तकनीक 7 फरवरी 2025 को CSIR-SERC, चेन्नई में एम/एस सेहगल डोर्स को हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर CSIR-SERC की निदेशक, डॉ. एन आनंदवल्ली और एम/एस सेहगल डोर्स के नीरज सेहगल ने सुरक्षा बूथ के लिए तकनीक हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान इस तकनीक के आविष्कारक डॉ. अमर प्रकाश (वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक), डॉ. एस परिवल्लल (मुख्य वैज्ञानिक और सलाहकार), डॉ. के सतीश कुमार (मुख्य वैज्ञानिक और प्रमुख, बीकेएमडी), वी रमेश कुमार (प्रधान वैज्ञानिक), चित्रा संकरण (प्रधान तकनीकी अधिकारी) और श्रीमती आर सोनिया (वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी) भी उपस्थित थे।

End of Feed