Google Chrome Users High Risk Alert: अगर आप गूगल क्रोम (Google Chrome) ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं, तो सतर्क हो जाइए। भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन (CERT-In) ने क्रोम में दो खतरनाक कमियां (CIVN-2025-0007 और CIVN-2025-0008) ढूंढी हैं। ये खामियां खासतौर पर विंडोज (Windows), मैक (Mac) और लिनक्स (Linux) डिवाइस पर क्रोम इस्तेमाल कर रहे यूजर्स को प्रभावित कर सकती हैं। आसान भाषा में कहें तो इन खामियों का फायदा उठाकर यूजर्स को आसानी से हैकिंग का शिकार बनाया जा सकता है।
इन कमजोरियों का फायदा हैकर्स दूर बैठकर भी उठा सकते हैं। इससे आपकी निजी जानकारी और डिवाइस की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। हालांकि, स्मार्टफोन पर Chrome यूजर्स पर इसका खास असर नहीं होगा।
कौन-कौन से वर्जन प्रभावित हैं?
- Windows/Mac: 132.0.6834.110/111 से पहले के वर्जन
- Linux: 132.0.6834.110 से पहले के वर्जन
- इन खामियों की वजह से Chrome के नेविगेशन, फुलस्क्रीन, पेमेंट, एक्सटेंशन, और मेमोरी एक्सेस जैसी सुविधाओं में दिक्कत हो रही है।
इन खतरों से कैसे बचें?
- CERT-In ने सभी यूजर्स को सलाह दी है कि वे अपना गूगल क्रोम (Google Chrome) ब्राउजर तुरंत अपडेट करें।
- Windows और Mac: नया वर्जन 132.0.6834.110/111
- Linux: नया वर्जन 132.0.6834.110
- Chrome का नया अपडेट कुछ ही दिनों में सभी के लिए उपलब्ध होगा। एक्सटेंडेड स्टेबल वर्जन के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।
अपडेट कैसे करें?
अपने Chrome ब्राउजर की Settings > About Chrome पर जाएं और इसे अपडेट कर लें। ऐसा करने से आपकी डिवाइस सुरक्षित रहेगी।
