Binance Hack : दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance पर अब तक के सबसे बड़े साइबर हमलों में से एक का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि हैकर्स ने Ethereum नेटवर्क पर महज 15 डॉलर (करीब ₹1,400) की ट्रांजैक्शन फीस चुकाकर एक ही बार में करीब 2.5 अरब डॉलर यानी लगभग ₹23,600 करोड़ की क्रिप्टोकरेंसी उड़ा दी।
15 डॉलर और कुछ मिनटों में हुई चोरी
यह रकम Binance से चोरी हुई कुल क्रिप्टोकरेंसी का करीब 40% थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, हैकर्स ने Ethereum के एक खास फीचर का इस्तेमाल किया। Blockchain सिक्योरिटी फर्म Blockaid के विश्लेषण के अनुसार, इस एक ट्रांजैक्शन में 1,67,464 Ether, करीब 1.615 अरब USDT और 60 से ज्यादा दूसरे क्रिप्टो टोकन ट्रांसफर किए गए।
6.3 अरब डॉलर की चोरी, कैसे हुई सेंधमारी?
यह साइबर हमला 29 अक्टूबर को हुआ था। Binance के मुताबिक, हमलावरों ने पहले कंपनी के एक इंजीनियर को निशाना बनाया। इसके लिए फर्जी नौकरी और इंटरव्यू का जाल बिछाया गया। इंजीनियर को धोखे से ऐसा सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराया गया, जिसमें Malicious Code मौजूद था।
इस तरह हमलावरों ने कंपनी के इंटरनल सिस्टम और वॉलेट साइनिंग सर्विस तक पहुंच बनाई। Binance ने इसे एक सोची-समझी Multi-stage Cyber Attack बताया है। इसमें Social Engineering, Compromised Devices और AI से जुड़े टूल्स का भी इस्तेमाल हुआ। Binance का कहना है कि इस पूरे हमले में करीब 6.34 अरब डॉलर के डिजिटल एसेट प्रभावित हुए। यह अब तक की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी मानी जा रही है।
क्या है EIP-7702, जिसने हैकर्स का काम आसान किया?
हैकर्स ने Ethereum के EIP-7702 फीचर का फायदा उठाया। यह Ethereum नेटवर्क के एक अपग्रेड का हिस्सा है, जिसे मई 2025 में लागू किया गया था।
आमतौर पर क्रिप्टो वॉलेट से पैसा भेजने के लिए हर ट्रांजैक्शन को अलग से अधिकृत करना पड़ता है। लेकिन EIP-7702 के जरिए वॉलेट किसी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट या सॉफ्टवेयर को अपनी ओर से कुछ काम करने की अनुमति दे सकता है। इसे बैंक खाते में ऑटो-पेमेंट की सुविधा जैसा समझ सकते हैं। एक बार अनुमति मिलने के बाद सॉफ्टवेयर वॉलेट की तरफ से कई काम कर सकता है। हैकर्स ने इसी सुविधा को हथियार बनाया। उन्होंने Binance के Binance 14 नाम के Hot Wallet को निशाना बनाया, जिसका इस्तेमाल ग्राहकों की निकासी और ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने में होता है।
पहले दी परमिशन, फिर 3 मिनट में साफ कर दिया वॉलेट
Blockaid के मुताबिक, 29 अक्टूबर को रात करीब 8:20 बजे UTC पर हमलावरों ने Binance 14 वॉलेट के वैध डिजिटल सिग्नेचर का इस्तेमाल करके Ethereum नेटवर्क पर एक निर्देश भेजा। इससे हमलावरों के नियंत्रण वाला सॉफ्टवेयर उस वॉलेट की तरफ से ट्रांजैक्शन करने में सक्षम हो गया। इस अनुमति को लागू करने के लिए नेटवर्क फीस के रूप में करीब 15 डॉलर खर्च हुए। इस शुरुआती ट्रांजैक्शन में कोई पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ था, बल्कि हमलावरों ने वॉलेट पर अपने सॉफ्टवेयर को काम करने की अनुमति दिलाई थी।
इसके करीब 3 मिनट 24 सेकंड बाद हैकर्स ने अपना अगला कदम उठाया। एक ही ट्रांजैक्शन में करीब 2.5 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी अपने नियंत्रण वाले वॉलेट में ट्रांसफर कर ली। आम तौर पर इतनी अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर करने के लिए कई ट्रांजैक्शन करने पड़ते। इससे सिक्योरिटी सिस्टम को संदिग्ध गतिविधि पकड़ने का मौका मिल सकता था। लेकिन EIP-7702 की मदद से हैकर्स ने कई एसेट एक साथ निकाल लिए।
निकासी पर रोक के बाद कैसे जारी रही चोरी?
हमले का सबसे खतरनाक पहलू यह था कि Binance की ओर से निकासी सेवाएं बंद करने के बाद भी हमलावरों के पास वॉलेट पर मिली अनुमति मौजूद थी। क्योंकि यह अनुमति Ethereum Blockchain पर दर्ज थी, इसलिए Binance के अपने सिस्टम में निकासी रोकने से वह अपने आप खत्म नहीं हुई। हमलावर इसी अनुमति का फायदा उठाकर आगे भी ट्रांजैक्शन कर सकते थे।
Binance के मुताबिक, कंपनी ने करीब 2.85 अरब डॉलर के डिजिटल एसेट फ्रीज या इंटरसेप्ट करने में सफलता हासिल की। कंपनी ने प्रभावित वॉलेट इंफ्रास्ट्रक्चर को दोबारा तैयार किया और ऐसी अनुमतियों पर निगरानी और नियंत्रण बढ़ाया है। Binance ने यह भी कहा है कि इस घटना का वित्तीय असर कंपनी खुद उठाएगी और यूजर्स के फंड सुरक्षित हैं।
FBI ने उत्तर कोरिया को ठहराया जिम्मेदार
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने इस साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ बताया है। FBI ने इस गतिविधि को TraderTraitor नाम दिया है। Blockchain एनालिटिक्स फर्म Elliptic के मुताबिक, इस हमले में करीब 6.43 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी हुई। यह घटना दिखाती है कि क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में तकनीक को आसान बनाने वाला फीचर गलत हाथों में कितना खतरनाक हो सकता है। महज कुछ डॉलर की नेटवर्क फीस से शुरू हुई एक अनुमति ने दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज को अरबों डॉलर के नुकसान में डाल दिया।
