आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित मंच अब दूरसंचार कंपनियों के लिए महज सहायक उपकरण न रहकर उच्च प्रौद्योगिकी वाली धोखाधड़ी से निपटने और डिजिटल राजस्व बढ़ाने के लिए अहम अवसंरचना बन गए हैं। एक दूरसंचार एआई कंपनी की शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को यह बात कही।
ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने में एआई अहम रोल निभा सकता है।(फोटो क्रेडिट-iStock)
बेंगलुरु स्थित दूरसंचार एआई समाधान प्रदाता कंपनी सुबेक्स लिमिटेड की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) निशा दत्त ने बयान में कहा कि दुनिया भर की दूरसंचार कंपनियां धोखाधड़ी की पारंपरिक नियम-आधारित पहचान और आश्वासन प्रणालियों से आगे निकल चुकी हैं।
निगरानी और भी चुनौतीपूर्ण
उन्होंने कहा कि आज के समय में दूरसंचार नेटवर्क पर बहुत ज्यादा डेटा ट्रैफिक होता है और वे सैकड़ों पार्टनर्स के साथ जुड़े रहते हैं। ऐसे में पुराने सिस्टम और उपकरण बढ़ती जटिलता और बड़े पैमाने की जरूरतों के साथ तालमेल नहीं बैठा पा रहे हैं। इससे नेटवर्क की निगरानी और संचालन और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
दत्त ने कहा, “हर प्रोडक्ट, हर चैनल और हर पार्टनर पर रियल-टाइम नजर रखने का सबसे टिकाऊ और असरदार तरीका यही है कि एआई को सिस्टम के केंद्र में रखा जाए।” उनका मानना है कि धोखाधड़ी रोकने, कारोबार की पारदर्शिता बनाए रखने और पार्टनर्स के साथ सही व समय पर निपटान करने के लिए एआई आधारित समाधान बेहद जरूरी हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि एआई से प्रत्येक राजस्व स्रोत को वास्तविक समय में देखा जा सकता है और शुरुआती चरण में ही धोखाधड़ी एवं राजस्व रिसाव का पता चल जाता है। वर्ष 1994 में स्थापित सुबेक्स लिमिटेड वैश्विक स्तर पर संचार सेवा प्रदाताओं को राजस्व और लाभप्रदता बढ़ाने में सहयोग करती है।
आपको बता दें कि मोबाइल यूजर्स की सेफ्टी के लिए सरकार से लेकर टेलीकॉम कंपनी तक लगातार नए नए कदम उठा रही हैं। ट्राई की तरफ से भी टेलीकॉम कंपनियों को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए एआई तकनीक अपनाने की सलाह दी गई है।
(इनपुट-भाषा)
