AI के खतरों को लेकर डर बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया, दुनिया भर में रोक लगाना संभव नहीं: वेम्बु

जोहो के मुख्य वैज्ञानिक एवं सह-संस्थापक वेम्बु ने साक्षात्कार में कहा, 'हमें सभी के साथ मित्रवत रहना चाहिए, किसी का दुश्मन नहीं बनना चाहिए और अपने विकल्प खुले रखने चाहिए।'

प्रौद्योगिकी कंपनी जोहो के सह-संस्थापक श्रीधर वेम्बु ने बुधवार को कहा कि कृत्रिम मेधा (एआई) के संभावित खतरों को लेकर जताई जा रही आशंकाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है और एआई के विकास पर वैश्विक स्तर पर रोक लगने की संभावना नहीं है। उन्होंने भारत से रणनीतिक विकल्प खुले रखने और विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी अनुसंधान एवं विकास में बड़े पैमाने पर निवेश करने का आग्रह किया।

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जोहो के सह संस्थापक ने कहा कि कर्मचारियों को महत्वपूर्ण कौशल अपने पास बनाए रखने चाहिए।(फोटो क्रेडिट-Digit)

वेम्बु ने कहा कि भारत को एआई के क्षेत्र में स्वतंत्र दृष्टिकोण अपनाना चाहिए और साझेदारियों का लाभ उठाना चाहिए, लेकिन अमेरिका और चीन के बीच उभरती प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा में किसी एक पक्ष से बंधने से बचना चाहिए।

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