CWG 2026: 'नीरज चोपड़ा ना होते तो मैं ब्रॉन्ज मेडल ना जीत पाता' ऐसा क्यों बोले यशवीर सिंह

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: यशवीर ने बताया कि आखिरी राउंड से पहले वो 81.33 मीटर के साथ सातवें स्थान पर थे। तभी नीरज चोपड़ा ने उन्हें एक छोटी लेकिन कारगर सलाह दी। इस टिप को अपनाते ही यशवीर ने 85.41 मीटर का निजी सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और सीधे सातवें से तीसरे नंबर पर पहुंच गए।

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह के लिए आखिरी पल तक सब कुछ बदल गया। सातवें नंबर से शुरू कर उन्होंने अपने करियर का सबसे बड़ा थ्रो किया और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस सफलता का श्रेय उन्होंने सीधे ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा को दिया। सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर पीटीआई से बात करते हुए यशवीर ने बताया कि आखिरी राउंड से पहले वो 81.33 मीटर के साथ सातवें स्थान पर थे। उन्होंने बताया कि टॉप-3 में जगह बनाना मुश्किल लग रहा था। तभी नीरज ने उन्हें एक छोटी सी लेकिन कारगर सलाह दी।

Yashvir Singh

यशवीर सिंह ने नीरज चोपड़ा को दिया ब्रॉन्ज मेडल का श्रेय (फोटो साभार- AP/Yashvir__Singh)

यशवीर ने नीरज चोपड़ा को दिया श्रेय

यशवीर ने कहा, "मुझे प्रतिकूल हालात से पार पाना था। नीरज ने मेरे आखिरी थ्रो से पहले मुझे प्रेरित किया। उन्होंने कहा - भाले को एक लाइन में रखो। इसका फायदा हुआ।" नीरज की इस सलाह का मतलब था तकनीक को ठीक करना। यशवीर ने बताया, "भाले को कान के पास पकड़ना, कंधों को थ्रो की दिशा में सीधा रखना और हाथ व भाले को एक सीधी लाइन में पीछे खींचकर उसी लाइन में छोड़ना। इससे थ्रो में ताकत भी बढ़ती है और हाथ पर दबाव भी कम होता है।"

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