चेन्नई: डिफेंडिंग चैम्पियन जर्मनी के हाथों जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप सेमीफाइनल में 1-5 से मिली हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच पी आर श्रीजेश ने कहा कि खिलाड़ी बड़े मैच का दबाव नहीं झेल सके। श्रीजेश ने मैच के बाद कहा,'हम अपेक्षा के अनुरूप नहीं खेल पाये । जूनियर विश्व कप के सेमीफाइनल जैसे मैच में आसान मौके गंवाने से काम नहीं चलता।'
पीआर श्रीजेश (फोटो क्रेडिट PTI Screen grab)
हाथ आए मौकों को भुनाने में हुए नाकाम
भारतीय टीम पहले हाफ में ही तीन गोल से पिछड़ गई थी। भारत को एकमात्र पेनल्टी कार्नर मैच खत्म होने में दस मिनट बाकी रहते मिला जिसे अनमोल इक्का ने गोल में भी बदला हालांकि तब तक मैच का नतीजा तय हो चुका था। दो बार के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता श्रीजेश ने कहा,'हमें काफी मौके मिले लेकिन हम उन्हें भुना नहीं सके। हम मैच में एक ही पेनल्टी कॉर्नर बना सके जिस पर गोल भी हुआ लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।'
तीन गोल गंवाने के बाद, दबाव से नहीं उबर पाई टीम
यह पूछने पर कि क्या टीम पर मानसिक दबाव था, कोच ने कहा,'ऐसा नहीं था लेकिन कई बार माहौल और बड़े मैच का दबाव युवा खिलाड़ियों पर आ जाता है। विरोधी टीम अच्छा खेलती है तो हम बेसिक्स भूल जाते हैं। ये अनुभव से सीखेंगे और मुझे उम्मीद है कि आने वाले समय में बेहतर प्रदर्शन होगा। आपको पहले ही मिनट से विरोधी टीम के बराबर खेलना होता है क्योंकि एक बार दबाव बनने के बाद उससे निकलना बाहर होता है। तीन गोल गंवाने के बाद मैच में वापसी करना आसान नहीं होता और हम उस दबाव से निकल नहीं पाये।'
(भाषा)
