सोमवार (28 सितंबर) को 2026 एशियाई खेलों में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में ईशा सिंह ने रोमांचक और कांटे की टक्कर वाले फाइनल के बाद सिल्वर मेडल जीता। खिताबी टक्कर के दूसरे शूट-ऑफ में वह पांच में से तीन निशाने चूक गईं, जबकि शियाओ सिर्फ दो बार चूकती हैं। ईशा सिंह के लिए यह बहुत ही शानदार सिल्वर मेडल है, क्योंकि उन्हें इसे पाने के लिए काफी मुश्किल रास्ता तय करना पड़ा। उन्होंने शूट-ऑफ की पाँच सीरीज से गुज़रना पड़ा, जिसमें पहले दूसरे स्थान के लिए और फिर पहले स्थान के लिए मुकाबला करना पड़ा।
ईशा सिंह ने एशियन गेम्स में जीता सिल्वर मेडल (X)
हैदराबाद की 21 वर्षीय ईशा, जो मौजूदा वर्ल्ड नंबर वन हैं, ने सिल्वर मेडल की दौड़ में बने रहने के लिए तीन शूट-ऑफ जीते। इसके बाद चीन की शियाओ जियारुइक्सुआन के साथ गोल्ड मेडल के मुकाबले में उन्हें दो और शूट-ऑफ खेलने पड़े। रेगुलर सीरीज़ के बाद दोनों का स्कोर 38 था, लेकिन ईशा आखिरी शॉट में चूक गईं और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। नॉर्थ कोरिया की किम ह्योन सुक ने ईशा से शूट-ऑफ हारने के बाद 34 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता।
इससे पहले, दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर इस इवेंट के फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करने में नाकाम रहीं और बिना किसी मेडल के खेलों से बाहर हो गईं। लेकिन ईशा आठवें स्थान पर रहकर फ़ाइनल में पहुंचीं और भारत की उम्मीदें बनाए रखीं।
मनु 579 का स्कोर ही बना पाईं, जो उन्हें फ़ाइनल में पहुंचाने के लिए काफ़ी नहीं था और वह 11वें स्थान पर रहीं। ईशा ने क्वालिफ़िकेशन राउंड में 580 का स्कोर किया। मनु के लिए यह मल्टी-डिसिप्लिन कैंपेन बहुत निराशाजनक रहा, क्योंकि वह इससे पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी मेडल नहीं जीत पाई थीं।
भारत महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल टीम स्पर्धा में भी मेडल की दौड़ में था, लेकिन राही सरनोबत एक अहम मौके पर शॉट चूक गईं, जो टीम के लिए भारी पड़ा। सरनोबत का चौथी सीरीज़ (हर सीरीज़ में पांच शॉट होते हैं) में स्कोर बहुत खराब रहा - सिर्फ़ 39। इसके चलते भारत, जो पोडियम तक पहुंच सकता था, मेडल की दौड़ से पूरी तरह बाहर हो गया। सरनोबत 568 के खराब स्कोर के साथ 30वें स्थान पर रहीं।
