स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत की सुचिका तरियाल ने महिलाओं के ट्रेडिशनल 60kg मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। पहली बार एशियन गेम्स में शामिल MMA में भारत ने अपना पहला मेडल जीता। हालांकि, सेमीफाइनल में सुचिता को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। तरियाल ने सेमीफाइनल मुकाबले में सिंगापुर की टेओ हुई हून का सामना किया, लेकिन वह फाइनल में जगह नहीं बना सकीं।
MMA में भारत ने जीता ब्रॉन्ज मेडल।
सेमीफाइनल में हार के साथ ही उनके खिताब जीतने की उम्मीदें खत्म हो गईं, लेकिन उन्होंने भारत के लिए पहला MMA एशियाई खेलों का मेडल जीतकर अपना अभियान समाप्त किया। तरियाल के इस मेडल से एशियाई खेलों में भारत के पदकों की संख्या चार हो गई है। भारत ने अब तक तीन सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया है।
क्वार्टर फाइनल में दर्ज की थी जीत
सुचिका ने रविवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ही भारत के लिए मेडल पक्का कर दिया था। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुचिका ने मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को हराया। मुकाबले के दूसरे और आखिरी राउंड में मंगोलियाई खिलाड़ी ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन सुचिका ने शानदार डिफेंस किया। दबाव में भी उन्होंने धैर्य नहीं खोया और एक अहम रिवर्सल के साथ विरोधी को जमीन पर गिरा दिया और अंत तक कंट्रोल बनाए रखा।
छेड़छाड़ का हुईं थी शिकार
हरियाणा की सुचिका तरियाल की कहानी बेहद प्रेरणादायक है। रोहतक की रहने वाली सुचिका ने एक छेड़छाड़ की घटना के बाद खुद की सुरक्षा के लिए जूडो सीखना शुरू किया था। एक दशक से ज्यादा समय बाद वही फैसला उन्हें एशियन गेम्स के पोडियम तक ले आया। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से ट्रेनिंग शुरू की, फिर पालम के दादा देव मंदिर सेंटर और बाद में SAI भोपाल में अभ्यास किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में ले चुकीं हैं हिस्सा
सुचिका 8 बार नेशनल जूडो चैंपियन रही हैं और 20 से ज्यादा इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप और 2019 साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी वह भारत की तरफ से खेली थीं।
