खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने की देशी कोचों की वकालत, बोले- विदेशी कोच की निर्भरता हो कम

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि निशानेबाजी और मुक्केबाजी जैसे खेलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत विदेशी कोच पर निर्भरता कम करने के लिए भारत को तत्काल मजबूत स्वदेशी कोचिंग तंत्र की जरूरत है।

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को यहां एक सम्मेलन में राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के कामकाज का जायजा लेते हुए कहा कि आगामी एशियाई खेलों जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट से पहले चयन ट्रायल कैमरे की निगरानी में कराए जाने चाहिए और विदेशी कोच पर निर्भरता कम होनी चाहिए। इस सम्मेलन में खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, खेल सचिव हरि रंजन राव और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। मांडविया ने कहा, ’’ ’ओपन’ चयन ट्रायल पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में कैमरे पर रिकॉर्ड किए जाने चाहिए। चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।’’

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मनसुख मांडविया (फोटो साभार-@mansukhmandviya )

उन्होंने कहा कि निशानेबाजी और मुक्केबाजी जैसे खेलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत विदेशी कोच पर निर्भरता कम करने के लिए भारत को तत्काल मजबूत स्वदेशी कोचिंग तंत्र की जरूरत है। मांडविया ने कहा, ’’हमें अच्छे भारतीय कोच का एक डेटाबेस तैयार करने की जरूरत है। खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के साथ हमें अपने कोच की ट्रेनिंग में भी समान रूप से निवेश करना चाहिए, उन्हें सर्वश्रेष्ठ मौके और अंतरराष्ट्रीय अनुभव उपलब्ध कराना चाहिए। एक प्रशिक्षित कोच ही अंततः देश के लिए विश्वस्तरीय खिलाड़ी तैयार करेगा।’’

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