नई दिल्ली: खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के मनपसंद खेल नहीं होने के बावजूद खिलाड़ियों के असाधारण प्रदर्शन पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि पिछले एक दशक में सरकार के प्रयासों के नतीजे अब मिलने लगे हैं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में बजट में कटौती के कारण सिर्फ 10 खेल शामिल किये गए थे जिसमें से भारत ने नौ खेलों में भाग लेकर 13 स्वर्ण समेत 39 पदक जीते।
राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं से मुलाकात करते खेल मंत्री मनसुख मांडविया
खेल के क्षेत्र में एक दशक में हुई है शानदार प्रगति
खेलमंत्री मांडविया ने बुधवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में बैठक में पिछले एक दशक में खेलों के क्षेत्र में हुई प्रगति खासकर ओलंपिक, एशियाई खेल और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के प्रदर्शन का ब्यौरा दिया। भारत ने ग्लास्गो में जिन खेलों में भाग लिया उनमें 2022 बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 30 और 2018 में गोल्ड कोस्ट में 22 पदक जीते थे। मांडविया ने कहा,'सरकार ने 2014 से खेलों के क्षेत्र में जितने प्रयास किये हैं, उनके नतीजे अब मिलने लगे हैं । भारत ने 1947 से 2012 तक कुल 21 ओलंपिक पदक जीते थे लेकिन पिछले तीन ओलंपिक में ही 15 पदक मिल चुके हैं । इसी तरह 2022 एशियाई खेलों में पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा पार किया।’
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सितंबर-अक्टूबर में एशियाई खेलों में भाग लेंगे भारतीय खिलाड़ी
भारतीय खिलाड़ी अब सितंबर अक्टूबर में जापान में एशियाई खेलों में भाग लेंगे । इसमें निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन, क्रिकेट, हॉकी जैसी स्पर्धायें शामिल होंगी जिसमें भारत का दबदबा रहता है। खेलमंत्री ने इस प्रदर्शन का श्रेय पिछले एक दशक में खेलों में सरकार की पहल के जरिये खेलों का इकोसिस्टम तैयार करने को दिया जिसमें खेलो इंडिया योजना, फिट इंडिया मुहिम, टारगेट ओलंपिक पोडियम (टॉप्स) और अस्मिता लीग जैसी पहल शामिल हैं।
(भाषा)
