Asian Games 2026: क्या है वह मास्टरस्ट्रोक, जिससे भारत ने निशानेबाजी में जीता गोल्ड मेडल

Asian Games 2026: भारतीय निशानेबाजी टीम में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के लिए पहले केदारलिंग उचागांवे का नाम तय था। हालांकि, समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले केदारलिंग की जगह कमलजीत को सुरुचि इंदर सिंह के साथ जोड़ी के तौर पर उतारने का फैसला किया गया।

Asian Games 2026: जापान एशियन गेम्स 2026 में आखिरकार भारतीय निशानेबाजी टीम का गोल्ड का इंतजार खत्म हो गया और इसके पीछे एक 'मास्टरस्ट्रोक' फैसला है, जो समय सीमा खत्म होने से ठीक 48 घंटे पहले लिया गया था। भारतीय निशानेबाजी टीम में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के लिए पहले केदारलिंग उचागांवे का नाम तय था। सेना निशानेबाजी इकाई के केदारलिंग ने घरेलू ट्रायल और नेशनल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर टीम में जगह बनाई थी, लेकिन चयन के बाद उनका फॉर्म अचानक गिर गया। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में वह 35वें स्थान पर रहे, जिसके बाद चयनकर्ताओं को बड़ा फैसला लेना पड़ा।

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Asian Games Gold (फोटो साभार- AI/@Media_SAI)

केदारलिंग की जगह कमलजीत को मिला मौका

NRAI चयन समिति, अध्यक्ष, महासचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की सहमति से समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले केदारलिंग की जगह कमलजीत को सुरुचि इंदर सिंह के साथ जोड़ी के तौर पर उतारने का फैसला किया गया। यही फैसला भारत के लिए मास्टर स्ट्रोक साबित हुआ।शुक्रवार को क्वालिफिकेशन में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने कमाल कर दिया। दोनों ने 587-29x का स्कोर किया और टॉप पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई। यह स्कोर चीन के नाम दर्ज वर्ल्ड रिकॉर्ड से सिर्फ 4 अंक कम था। भारतीय जोड़ी ने 196, 195 और 196 की तीन शानदार सीरीज खेलीं और सभी को पीछे छोड़ दिया।

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