गांधीनगर: स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के गांधीनगर रीजनल सेंटर ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय पैरा खिलाड़ियों और उनके कोचों को सम्मानित किया। भारत ने प्रतियोगिता में कुल 114 पदक जीते, जिनमें गांधीनगर स्थित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCOE) के मौजूदा और पूर्व खिलाड़ियों का योगदान 16 पदकों का रहा। सम्मान समारोह में खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके प्रदर्शन की सराहना की गई। इस दौरान कोचों, सपोर्ट स्टाफ और परिवारों के योगदान को भी रेखांकित किया गया।
पैरा एथलीट का साई गांधीनगर में हुआ सम्मान
गुजरात के खिलाड़ियों ने भी जीते पदक
तेजल बेन अमराजी डामोर ने महिलाओं की 400 मीटर T12 स्पर्धा में रजत और 200 मीटर T12 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। NCOE गांधीनगर और खेलो इंडिया से जुड़ी प्राची पांडे ने पैरा टेबल टेनिस की महिला सिंगल्स क्लास 6 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया।
शुभम वाधवा ने पैरा टेबल टेनिस के पुरुष डबल्स MD4 और मिक्स्ड डबल्स XD7 वर्ग में कांस्य पदक जीते। वहीं, NCOE के पूर्व खिलाड़ियों में निमिषा ने T46 लॉन्ग जंप में रजत पदक हासिल किया। शैलेश कुमार ने हाई जंप में स्वर्ण और लॉन्ग जंप में कांस्य पदक जीता। समारोह के दौरान पदक विजेताओं और एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा लेने वाले अन्य NCOE खिलाड़ियों को गुलदस्ते देकर सम्मानित किया गया।
खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग और सुविधाओं को सफलता का श्रेय दिया
पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची पांडे ने SAI में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं और सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि खेल से जुड़ी ट्रेनिंग के अलावा फिटनेस, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, मेंटल कंडीशनिंग, योग और मेडिटेशन जैसी सुविधाएं खिलाड़ियों के समग्र विकास में मदद करती हैं। प्राची ने SAI के अधिकारियों, कोचों और पूरी टीम को धन्यवाद देते हुए उम्मीद जताई कि बेहतर सुविधाओं और लगातार प्रशिक्षण से भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकेंगे।
पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी शुभम वाधवा ने अपने खेल सफर के बारे में बताते हुए कहा कि 2015 में मोटरसाइकिल दुर्घटना के बाद खेल में वापसी करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। उन्होंने इस दौरान परिवार, कोचों और SAI से मिले सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। शुभम ने अपने बयान में अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में भारत के लिए दो स्वर्ण पदक जीतने की उपलब्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतना और 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स के साथ लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों में अच्छा प्रदर्शन करना है।
तेजल बेन अमराजी डामोर ने भी SAI और अपने कोच नितिन चौधरी के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि SAI में उपलब्ध प्रशिक्षण और सुविधाओं से उनके प्रदर्शन में सुधार हुआ है। उन्होंने अपने परिवार, कोच और SAI की टीम का आभार जताया। तेजल बेन ने गुजरात को 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए तैयार करने के प्रयासों की भी सराहना की और उम्मीद जताई कि भारत खेलों के वैश्विक मंच पर नई उपलब्धियां हासिल करेगा।
SAI ने पैरा खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने की प्रतिबद्धता दोहराई
SAI रीजनल सेंटर गांधीनगर के क्षेत्रीय निदेशक प्रशांत सिंह ने कहा कि खिलाड़ियों को उनकी पूरी क्षमता तक पहुंचाने के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, प्रशिक्षण सुविधाएं, पोषण और स्पोर्ट्स साइंस से जुड़ा सहयोग उपलब्ध कराना केंद्र की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “ये उपलब्धियां खिलाड़ियों की मेहनत, उनके कोचों के समर्पण और सपोर्ट स्टाफ के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं। हम भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के दौरान खिलाड़ियों को मिलने वाले सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कार्यक्रम में SAI रीजनल सेंटर गांधीनगर के क्षेत्रीय निदेशक प्रशांत सिंह, SAI NCOE अहमदाबाद के उपनिदेशक बिभुभूषण और SAI रीजनल सेंटर गांधीनगर की सहायक निदेशक इशप्रीत कौर मौजूद रहीं। अधिकारियों ने खिलाड़ियों और कोचों को बधाई दी तथा पैरा खेलों में उनके योगदान की सराहना की। SAI रीजनल सेंटर गांधीनगर ने गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, सुलभ प्रशिक्षण ढांचे और खिलाड़ियों को व्यापक सहयोग देकर पैरा खेल प्रतिभाओं को विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
