न दोनों हाथ न दोनों पैर.. फिर भी भारत की बेटी ने तीरंदाजी में जीता गोल्ड, आनंद महिंद्रा हुए फैन

Payal Nag Wins Gold: पायल ने कंपाउंड महिला फाइनल में भारत की सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली और दुनिया की नंबर एक पैरा तीरंदाज शीतल देवी को 139-136 से हराकर उलटफेर किया। साथ ही उसने शीतल के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण जीता।

Payal Nag Wins Gold: पैरा तीरंदाज पायल नाग ने 2015 में बिजली का झटका लगने से दोनों हाथ और दोनों पैर गंवा दिए जिसके बाद उन्हें ओडिशा के बलांगीर में रिश्तेदारों और पड़ोसियों के बड़े बेरहम शब्द सुनने को मिले कि 'न यह खा पाएगी, न चल पाएगी, इससे तो बेहतर है कि इसे जहर दे दो’। बैंकॉक में शनिवार शाम यही लड़की वैश्विक मंच पर शान से खड़ी थी जब उसने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरीज में दो स्वर्ण पदक जीते। यह एक ऐसा सफर था जिसने दर्द को मकसद में और खामोशी को एक बयान में बदल दिया। पायल ने कंपाउंड महिला फाइनल में भारत की सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली और दुनिया की नंबर एक पैरा तीरंदाज शीतल देवी को 139-136 से हराकर उलटफेर किया। साथ ही उसने शीतल के साथ मिलकर टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण जीता। इसके साथ ही भारत 16 पदक (सात स्वर्ण, पांच रजत, चार कांस्य) के साथ पदक तालिका में सबसे ऊपर रहा।

Payal Naag

पायल नाग ने जीता गोल्ड (फोटो साभार- X/@anandmahindra)

आनंद महिंद्रा भी पायल के हुए फैन

पायल नाग ने जिस तरह अपनी शारीरिक अक्षमताओं को मात देकर गोल्ड मेडल जीता है, उसे देखकर मशहूर बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा ने पायल के साहस को सलाम किया और उन्हें दुनिया के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बताया। पायल नाग की तस्वीर शेयर करते हुए आनंद महिंद्रा ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट से पोस्ट लिखा, 'पायल नाग। ओडिशा के एक दिहाड़ी राजमिस्त्री की बेटी। आठ साल की उम्र में करंट लगने से मौत। चारों हाथ-पैर चले गए। और फिर, एक धनुष मिला। कोच कुलदीप वेदवान ने उनकी पेंटिंग में देखा, वही आदमी जिसने वर्ल्ड चैंपियन शीतल देवी को बनाया। अप्रैल, 2026 में बैंकॉक में वर्ल्ड पैरा आर्चरी सीरीज़ के फाइनल में अपनी आइडल शीतल देवी को हराया। जब भी मुझे खुद पर तरस आता है या मैं दुखी होता हूं तो मैं पायल और शीतल की इन तस्वीरों को फिर से देखती हूं और खुद को याद दिलाती हूं कि हिम्मत, हिम्मत और पॉजिटिव सोच, इन शब्दों का असल में क्या मतलब है।'

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