भारत ने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेल 2026 में कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इस सफलता में भारतीय पैरा खिलाड़ियों का योगदान सबसे खास रहा। पैरा दल ने CWG इतिहास में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 7 पदक जीते, जिसमें 3 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य शामिल हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (फोटो साभार- X)
ऊंची कूद स्टार शरद कुमार बोले
पेरिस पैरालंपिक के रजत पदक विजेता और ऊंची कूद के स्टार शरद कुमार ने शुक्रवार को इस उपलब्धि की जमकर सराहना की। राष्ट्रीय राजधानी में फ्रेंच भाषा को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम 'पैरा एलान - सब का मैदान' में बोलते हुए उन्होंने कहा कि कम वित्तीय सहायता के बावजूद पैरा एथलीट देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
शरद ने कहा, "पैरा खेलों में अन्य खेलों की तुलना में कम पैसा लगाया जाता है, फिर भी हम शानदार परिणाम दे रहे हैं। जब पैरा खिलाड़ी प्रदर्शन करते हैं तो यह साबित होता है कि कोई भी जीत सकता है।" उन्होंने बताया कि यह पहली बार है जब राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा इवेंट्स में भारत ने स्वर्ण पदक जीते हैं। इसी वजह से भारत की रैंकिंग 23वें स्थान से उछलकर चौथे स्थान पर पहुंच गई। "आप समझ सकते हैं कि अंतिम दो स्वर्ण पदकों ने ही हमें शीर्ष चार में पहुंचाने में मदद की," शरद ने कहा।
टॉप्स योजना से मिला बूस्ट
शरद के अनुसार 2014 में शुरू हुई 'टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना' यानी टॉप्स का फायदा अब दिख रहा है। पिछले कुछ सालों में टॉप्स में शामिल पैरा खिलाड़ियों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इसका नतीजा ग्लास्गो में देखने को मिला। दुनिया के पूर्व नंबर-1 पैरा एथलीट शरद खुद भी दिग्गज खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2021 टोक्यो पैरालंपिक में कांस्य और पेरिस पैरालंपिक में रजत पदक जीता था। शरद ने कहा कि पैरा खिलाड़ियों को सिर्फ पदक के लिए नहीं, बल्कि उनकी जिद और जज्बे के लिए सराहा जाना चाहिए। कम संसाधनों में भी ये खिलाड़ी देश के लिए मेडल ला रहे हैं।
ग्लास्गो में भारत के 39 पदकों में पैरा दल के 7 पदकों की भूमिका अहम रही। 3 गोल्ड ने भारत को टॉप-4 में पहुंचाया। शरद का मानना है कि अगर पैरा स्पोर्ट्स में निवेश बढ़े तो भारत आने वाले समय में पैरालंपिक और CWG दोनों में और बड़ा प्रदर्शन कर सकता है।
