नई दिल्ली: ओलंपिक चैंपियन निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए रविवार को कहा कि लॉस एंजिलिस ओलंपिक में दो साल से भी कम समय बचा है और ऐसे में देश के ’हाई-परफॉर्मेंस’ तंत्र को मजबूत करने के लिए अब और तेजी से काम करने की जरूरत है। भारत 85 पदकों के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। भारतीय दल ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते।
अभिनव बिंद्रा
बिंद्रा ने दी एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्लेयर्स को बधाई
बिंद्रा ने ’एक्स’ पर लिखा,'एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों और टीम इंडिया को बधाई। किसी भी खेल अभियान को केवल उन कुछ दिनों के तौर पर नहीं देखा जा सकता, जिन्हें हम टेलीविजन पर देखते हैं। इसके पीछे वर्षों की सुबह की मेहनत, चोटें, असमंजस, छूटे हुए मौके और अनगिनत घंटों का परिश्रम होता है। सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण हमारे खिलाड़ियों के लिए बहुत सम्मान है। उनके परिवारों के लिए भी, जो इस सफर में उनके साथ रहते हैं और ऐसे त्याग करते हैं, जो अक्सर नजर नहीं आते। कोचों, सहयोगी स्टाफ, महासंघों, भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), सरकार और पर्दे के पीछे काम करने वाले हर व्यक्ति का धन्यवाद।'
कुछ खिलाड़ियों ने खुद को किया स्थापित
बिंद्रा ने कहा,'कुछ खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खुद को स्थापित किया, जबकि कुछ अन्य ने अपने खेल को नए स्तर तक पहुंचाया। इन खेलों में ऐसे कई पल देखने को मिले, जिनसे भविष्य को लेकर काफी उत्साहित होने का कारण मिलता है।' भारत का प्रदर्शन पिछले एशियाई खेलों की तुलना में थोड़ा नीचे रहा। चीन के हांगझोउ में हुए पिछले चरण में भारत ने 106 पदक जीते थे, जिसमें 28 स्वर्ण शामिल थे। इस बार भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या में भी सात की गिरावट आई।
पदक तालिका में चौथे पायदान पर रहा भारत
चीन ने लगातार 12वीं बार एशियाई खेलों की पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। उसने 169 स्वर्ण, 89 रजत और 83 कांस्य समेत कुल 341 पदक जीते। यह विदेश में आयोजित एशियाई खेलों में चीन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। मेजबान जापान 83 स्वर्ण, 95 रजत और 91 कांस्य समेत 269 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा जबकि दक्षिण कोरिया ने 39 स्वर्ण, 43 रजत और 68 कांस्य पदक जीते।
निराशाजनक परिणाम हैं खेलों का हिस्सा
बिंद्रा ने कहा कि खेलों में कुछ निराशाजनक नतीजे भी आए, लेकिन यह खेल का हिस्सा है और हर बड़े आयोजन में ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि अब महत्वपूर्ण यह है कि इन अनुभवों से ईमानदारी से सीख ली जाए। उन्होंने कहा,'बेहतर प्रदर्शन का मतलब केवल तब प्रतिक्रिया देना नहीं हो सकता, जब कोई खिलाड़ी पदक के करीब पहुंच जाए। हमें ऐसी व्यवस्थाएं लगातार विकसित करनी होंगी, जो कई वर्षों तक खिलाड़ी को समझें और उसकी जरूरतों के अनुरूप काम करें।'
शुरुआत में कमियों की पहचान करने की है जरूरत
बिंद्रा के मुताबिक, ऐसी व्यवस्था जरूरी है जो कमियों की शुरुआती स्तर पर पहचान करे, विज्ञान और आंकड़ों का समझदारी से इस्तेमाल करे, कोचिंग और प्रतियोगिता की योजना को सही तरीके से तैयार करे, प्रशिक्षण के बोझ और रिकवरी का प्रबंधन करे, टाली जा सकने वाली चोटों को कम करे और खिलाड़ियों को बड़े दबाव के बीच शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनाए। उन्होंने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सही विशेषज्ञता खिलाड़ी के करियर के देर किये बिना सही चरण में उस तक पहुंचे।
तत्परता के साथ होनी चाहिए ओलंपिक की तैयारी
लॉस एंजिलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए बिंद्रा ने कहा कि तैयारियों के अगले चरण की शुरुआत अब पूरी तत्परता के साथ होनी चाहिए।
उन्होंने कहा,'लॉस एंजिलिस ओलंपिक में दो साल से भी कम समय बचा है। ओलंपिक खेलों के लिहाज से यह लंबा समय नहीं है। जो खिलाड़ी वहां पदक जीतने के लिए उतरेंगे, वे आज ही अपनी तैयारियों में काफी आगे बढ़ चुके हैं। इसलिए यह समय है कि जो अच्छा हुआ, उसका जश्न मनाया जाए, जो अच्छा नहीं हुआ उसके बारे में ईमानदारी से विचार किया जाए और पूरी तत्परता के साथ फिर सुधार का काम शुरू किया जाए।'
खिलाड़ियों को अपनी उपलब्धियों पर करना चाहिए गर्व
उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों और उनके पीछे खड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा, 'खिलाड़ियों को अपनी उपलब्धियों पर गर्व करना चाहिए, इन एशियाई खेलों से सीख लेनी चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए। लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों को लगे खिलाड़ियों को अभी से शुभकामनाएं।'
(भाषा)
