Lovlina Borgohain Retirement: टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने पेरिस ओलंपिक के बाद संन्यास लेने का मन बना लिया था। लेकिन पदक से चूकने के बाद उन्होंने यह निर्णय स्थगित कर दिया है। असम की यह स्टार मुक्केबाज अब अपनी नज़रें 2028 ओलंपिक में दूसरा पदक जीतने पर टिकाए हुए हैं।
लवलीना ने बदला फैसला (फोटो-Lovlina Borgohain instagram)
अकादमी की स्थापना के बीच आया संन्यास का ख्याल
पेरिस ओलंपिक के बाद लवलीना ने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी से दूरी बना ली थी। इस दौरान उन्होंने अपनी अकादमी स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित किया। जून 2024 में गुवाहाटी में उनकी अकादमी का उद्घाटन हुआ। लवलीना ने कहा कि "जब मैंने अपनी अकादमी शुरू करने के बारे में सोचा था, तब मेरी योजना पेरिस ओलंपिक तक खेलने की थी। अगर वहां मैं पदक जीत लेती, तो शायद खेल को अलविदा कह देती।"
पेरिस ओलंपिक में पदक से चूकीं
27 वर्षीय लवलीना पेरिस में लगातार दूसरा ओलंपिक पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गई थीं। महिला मिडिलवेट (75 किग्रा) वर्ग के क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की चैंपियन ली कियान से हुआ, जहां उन्हें हार झेलनी पड़ी। इस हार के बाद उनका सपना अधूरा रह गया।
2028 ओलंपिक को बनाया लक्ष्य
जब लवलीना से पूछा गया कि क्या 2028 ओलंपिक उनका आखिरी टूर्नामेंट हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि "हां, ऐसा संभव है। पेरिस ओलंपिक में भी मैं स्वर्ण पदक जीत सकती थी, क्योंकि पोडियम तक पहुंचने वाली सभी खिलाड़ियों को मैं पहले हरा चुकी हूं। इससे मेरे खेल के स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है। मैं ओलंपिक पदक जरूर जीत सकती हूं।"
सीमित तैयारी के साथ वापसी
लवलीना अब चार सितंबर से इंग्लैंड के लिवरपूल में शुरू होने वाली विश्व चैंपियनशिप में भाग लेंगी। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि इस टूर्नामेंट के लिए उनकी तैयारी सीमित रही है। उन्होंने कहा कि "मैं लंबे ब्रेक के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने जा रही हूं। मुझे तैयारी के लिए केवल एक महीने का समय मिला है, इसलिए मैं अपनी सहनशक्ति और ताकत पर काम कर रही हूं।"
लवलीना बोरगोहेन का करियर एक अहम मोड़ पर है। पेरिस में पदक से चूकने के बाद वह पहले से ज्यादा प्रेरित नजर आ रही हैं। उनकी वापसी की शुरुआत विश्व चैंपियनशिप से होगी और उनकी नज़रें अब लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक में दूसरा पदक जीतने पर हैं।
(भाषा)
