India vs Spain Highlights, IND VS ESP Match Highlights: भारतीय हॉकी टीम ने स्पेन को 2-1 से हराकर अपना ब्रॉन्ज मेडल डिफेंड कर लिया है। भारत लगातार दूसरी बार मेडल जीतने में कामयाब रहा।भारत की ओर से दोनों गोल कप्तान हरमनप्रीत ने किए। उन्होंने 30वें मिनट में पहले भारत पेनेल्टी कॉर्नर पर गोल मारकर बराबरी दिलवाई। उसके बाद तीसरे क्वार्टर के शुरुआती 3 मिनट में एक और गोल कर भारत को बढ़त दिला दी। स्पेन की ओर से पहला गोल कप्तान मार्क मिरेलस ने 18वें मिनट में पेनेल्टी कॉर्नर को गोल्ड में कन्वर्ट किया। भारत की ओर से आखिरी मिनट में पीआर श्रीजेश ने दो पीसी डिफेंड कर भारत की जीत पर मुहर लगा दी। पेरिस ओलंपिक में भारत का यह चौथा पदक है।
भारतीय हॉकी टीम (साभार-Hockey India)
इस मैच में पहले क्वार्टर में कोई भी टीम अपने लिए पेनेल्टी कॉर्नर का मौका नहीं बना पाई। हालांकि इस क्वार्टर के शुरुआती मिनटों में सुखजीत ने फील्ड गोल करने का सुनहरा मौका गंवा दिया। एक मामूली एंगल के साथ उनकी गेंद गोल पोस्ट के बराबर से निकल गई। स्पेन की टीम ने इस दौरान सुरक्षित खेल दिखाया।
इसके बाद, दूसरे क्वार्टर में स्पेन को केवल तीन मिनट बाद ही पेनल्टी स्ट्रोक दिया गया, जिसको मार्क मिरालेस ने गोल में तब्दील करके अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया। हालांकि, दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने गोल करने का एक और मौका गंवाया, जब हार्दिक जरमनप्रीत के शॉट को गोलपोस्ट में भेजने से चूक गए।
इस क्वार्टर में भारत ने अंतिम मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करके स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया। यह गोल भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने किया। तीसरे क्वार्टर में हरमनप्रीत सिंह एक बार फिर भारत के लिए गोल करने वाले खिलाड़ी बने, जिन्होंने इस क्वार्टर में 12 मिनट शेष रहते हुए एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर दिया। इसके साथ ही भारत की बढ़त 2-1 हो गई। इसके तुरंत बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन इस बार यह गोल में तब्दील नहीं हो पाया।
चौथे क्वार्टर में स्पेन की टीम ने वापसी की काफी कोशिश की और उनको अंतिम मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर भी मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस ने बढ़िया काम करते हुए कोई गोल नहीं होने दिया।
पेरिस में भारत का ब्रॉन्ज मेडल का सफर
हॉकी टीम ने ओलंपिक में अपने पहले मैच में न्यूजीलैंड को 3-2 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत की थी। इसके अगले मैच में अर्जेंटीना के साथ भारत का मैच 1-1 से ड्रा हुआ था। इसके अगले ही दिन 30 जुलाई को भारत ने आयरलैंड को 2-0 से हार दी। लगातार तीन मैचों में अपराजेय रहने के बाद भारत को अपने पूल बी में बेल्जियम के खिलाफ पहली हार का सामना करना पड़ा।
बेल्जियम ने भारत को 2-1 से हराया। इस हार के अगले ही दिन भारत ने जबरदस्त वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को ओलंपिक में 52 साल बाद हराते हुए 3-2 से जीत दर्ज की। भारतीय हॉकी टीम अपने ग्रुप में नंबर दो पर रहकर क्वार्टर फाइनल में पहुंची, जहां उनका मुकाबला ग्रेट ब्रिटेन के साथ हुआ। यह रोमांचक मुकाबला शूटआउट में गया, जहां भारत को 4-2 से जीत मिली। इसके बाद भारत सेमीफाइनल में जर्मनी के खिलाफ खेला और एक बढ़िया मैच हुआ। हॉकी इंडिया अपने शानदार खेल के बावजूद दमदार जर्मनी की बाधा पार नहीं कर सकी और यह मैच 2-3 से हार गई। लेकिन ब्रॉन्ज मेडल मैच में भारत ने बिना गलती किए स्पेन को हराकर अपना ब्रॉन्ज मेडल डिफेंड कर लिया।
भारत ने सफलता पूर्वक डिफेंड किया ब्रॉन्ज
भारत ने सफलतापूर्वक अपना ब्रॉन्ज मेडल डिफेंड कर लिया। टोक्यो में भारतीय टीम ने जर्मनी को 5-4 से हराकर 41 साल बाद ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस बार उन्होंने स्पेन को हराकर अपने ब्रॉन्ज मेडल मैच को डिफेंड कर लिया।
हॉकी में भारत का 13वां मेडल
भारतीय पुरुष हॉकी टीम का यह ओलंपिक खेलों में 13वां और चौथा ब्रान्ज पदक है। भारत ने ओलंपिक खेलो में 8 गोल्ड, 2 रजत और 4 ब्रान्ज पदक जीते हैं। भारत ने आखिरी बार ओलंपिक खेलों में लगातार दो ब्रान्ज पदक 1968 में मैक्सिको और 1972 में म्यूनिख ओलंपिक में जीते थे। 52 साल लंबे अंतराल के बाद भारत हॉकी में लगातार दो पदक जीत सका है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत ने ब्रान्ज पदक जीतकर 40 साल का सूखा खत्म किया था और चार साल बाद ब्रान्ज पदक का बचाव करने में सफल रही है।
(IANS इनपुट के साथ)
