ग्लास्गो: मौजूदा विश्व चैंपियन और दो बार की पदक विजेता जैस्मिन लंबोरिया रविवार देर रात से ग्लास्गो में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में भारतीय दल की ध्वजवाहक होंगी। चौबीस बरस की मुक्केबाज जैस्मिन ने राष्ट्रमंडल खेलों की 57 किग्रा भार वर्ग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता है। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2022 में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था। जैस्मिन हाल के वर्षों में भारत की सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली मुक्केबाजों में शामिल रही हैं। उन्होंने पिछले साल लिवरपूल में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि इस साल की शुरुआत में एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों की ओपनिंग सरेमनी में भारतीय दल की अगुआई भारोत्तोलक मीराबाई चानू और मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने की थी।
जैस्मिन लंबोरिया (फोटो क्रेडिट AI Generated)
'हैंडओवर सेगमेंट' में भारत को मिलेगा झंडा
भारत वर्ष 2030 में अहमदाबाद में अगले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह के दौरान खेलों की मेजबानी का औपचारिक ’हैंडओवर’ भारत को किया जाएगा। ग्लास्गो स्थित द हाइड्रो में आयोजित होने वाले समापन समारोह के 'हैंडओवर सेगमेंट' में भारत की समृद्ध संस्कृति और राष्ट्रमंडल परिवार के साथ उसकी साझा मूल्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार ’हैंडओवर सेगमेंट’ तीन चरणों में आयोजित होगा, जिसमें दर्शकों को साझा मूल्यों, संस्कृति और आपसी जुड़ाव की यात्रा से रूबरू कराया जाएगा।
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भारत दूसरी बार करेगा राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी
भारत दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने जा रहा है। साल 2010 में दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था। 20 साल बाद एक बार फिर भारत को राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिली है। इस बार अहमदाबाद में इन खेलों का आयोजन हो रहा है। राष्ट्रमंडल खेलों के 100 साल का जश्न अहमदाबाद में मनेगा। इस लिहाज से मेजबानी और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।
(भाषा)
