‘मेरी दादी पोता चाहती थीं’, सायना नेहवाल ने लैंगिक समानता और नारी सशक्तिकरण पर दिया बड़ा संदेश

Times now conclave: दुनिया की पूर्व नंबर एक महिला बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल ने संसद में महिला आरक्षण बिल पर चल रही बहस के बीच टाइम्स नेटवर्क के अनलॉकिंग नारी शक्ति में शिरकत की और एक महिला खिलाड़ी के रूप में अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए और भारत में नारी सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार रखे।

Unlocking Nari Shakti: दुनिया की पूर्व नंबर एक महिला बैडमिंटन खिलाड़ी और लंदन ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता सायना नेहवाल ने संसद में महिला आरक्षण बिल पर चल रही बहस के बीच टाइम्स नेटवर्क के अनलॉकिंग नारी शक्ति (Unlocking Nari Shakti) कार्यक्रम में शिरकत की और एक महिला खिलाड़ी के रूप में अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए और भारत में नारी सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार साझा किए।

saina Nehwal

साइना नेहवाल

मेरी दादी पोता चाहती थीं

हरिणाया में पैदा हुई सायना नेहवाल बैडमिंटन की वर्ल्ड रैंकिंग में पहले पायदान पर पहुंचने वाली पहली और एकलौती भारतीय महिला हैं। उन्होंने शुरुआती दौर में हरियाणा में बतौर लड़की कई चुनौतियों का सामना शुरुआती दौर में किया। करियर की शुरुआत में उन्होंने लड़कियों के प्रति सामाजिक रवैये को लेकर भी खुलकर अपने विचार रखे। सायना ने कहा, मैंने कड़ी मेहनत इसलिए की क्योंकि उस दौर में हरियाणा में लड़कियों को लेकर स्थितियां बेहद अलग थीं। जब में दुनिया की नंबर-2 बैडमिंटन खिलाड़ी बन चुकी थी तब मेरे पिता ने बताया कि दादी मेरी जगह पोता चाहती थीं। ये बताता है कि उस वक्त लोगों की लड़कियों को लेकर क्या मनोदशा थी।

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