भारतीय सेना ने ओलंपिक के लक्ष्यों को दी नई उड़ान, 43वीं सीनियर रोइंग चैंपियनशिप में देशभर के खिलाड़ियों ने दिखाया दम

पुणे में 43वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया जिसमें देश भर के खिलाड़ियों ने उत्साब के साथ हिस्सा लिया। मेडल टैली में में Services Sports Control Board ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि Army Sports Control Board दूसरे स्थान पर रहा।

भारत के ओलंपिक सपनों को नई दिशा देते हुए भारतीय सेना ने खेलों के क्षेत्र में अपनी निर्णायक भूमिका एक बार फिर साबित की है। पुणे में आयोजित 43वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप (Senior National Rowing Championship 2026) न केवल एक राष्ट्रीय खेल आयोजन रहा, बल्कि यह भारत के ओलंपिक मिशन की जमीनी तस्वीर भी बनकर उभरा। 27 से 31 जनवरी तक College of Military Engineering (CME) के Army Rowing Node (ARN) द्वारा आयोजित इस चैंपियनशिप में देशभर के राज्य और सर्विसेज टीमों के उत्कृष्ट रोइंग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। उच्च स्तर के मुकाबलों, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचे और सैन्य सटीकता के साथ आयोजित इस प्रतियोगिता ने स्पष्ट कर दिया कि भारतीय सेना अब खेलों को केवल गतिविधि नहीं, बल्कि राष्ट्रीय क्षमता के रूप में देख रही है।

Indian Army 43 Senior National Rowing Championship

सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप (साभार-X)

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, सेना कमांडर, सदर्न कमांड की मौजूदगी ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का उद्देश्य केवल मैदान पर जीत दर्ज करना नहीं, बल्कि देश को विश्वस्तरीय खिलाड़ी देना है। उन्होंने यह भी कहा कि ओलंपिक मिशन के तहत सेना की प्राथमिकता भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय और ओलंपिक मंच तक पहुंचाने की है। उनका यह संदेश इस बात का संकेत था कि खेल अब भारतीय सेना की दीर्घकालिक रणनीति का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं।

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