स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। जापान के नागोया में मिजुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में शनिवार को हुए समापन समारोह के साथ ही एक हफ्ते तक चली एशियन पैरा महाद्वीपीय प्रतियोगिता संपन्न हुई। भारत ने इस प्रतियोगिता में अब तक के अपने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के साथ कुल 114 पदक जीते। समारोह में 2 गोल्ड पदक जीतने वाले निषाद कुमार और मोना अग्रवाल भारतीय दल के ध्वजवाहक रहे। यह एक यादगार अभियान का समापन था, जिसमें देश के पैरा-एथलीटों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। विश्व रिकॉर्ड बनाए और कई खेलों में पोडियम पर अपना दबदबा कायम किया।
एशियन पैरा गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन। फोटो- साभार- AINAGOC/AsianPara_2026 सोशल मीडिया हैंडल
भारत 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ कुल तालिका में चौथे स्थान पर रहा। इस तरह भारत ने 2022 हांगझोऊ खेलों में बनाए गए अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (108 पदक) को पीछे छोड़ दिया। जापान में पहली बार आयोजित एशियाई पैरा खेलों के इस पांचवें संस्करण में 45 देशों के लगभग 4,000 एथलीट और स्टाफ सदस्य शामिल हुए। इस प्रतियोगिता में 18 खेलों को शामिल किया गया था और सात दिनों तक चले इस आयोजन के दौरान 20 से अधिक विश्व रिकॉर्ड बनने की खबर है।
एशियन पैरा गेम्स मेडल टैली। फोटो- AsianPara_2026 सोशल मीडिया हैंडल
भारत का चौथे स्थान पर रहना काफी महत्वपूर्ण है। खासकर अगर इसके दल के आकार को देखा जाए। आइची-नागोया में कुल 168 पैरा-एथलीटों ने देश का प्रतिनिधित्व किया, जबकि हांगझू में हुए पिछले संस्करण में 309 एथलीटों ने हिस्सा लिया था। यह उपलब्धि एथलीटों की कड़ी मेहनत, लगन और खुद पर विश्वास को दर्शाती है। अपनी कमजोरी को हथियार बनाते हुए पैरा एथलीटों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। हाल ही में समाप्त हुए एशियन गेम्स में भारत के एबल एथलीटों ने मिलकर कुल 85 मेडल जीते थे। पैरा एथलीट उनसे कहीं आगे निकल गए।
पैरा एथलीट में सबसे ज्यादा मेडल
भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक पैरा एथलेटिक्स से आए, जिसमें कुल 65 पदक (22 गोल्ड, 19 सिल्वर और 24 बॉन्ज) शामिल हैं। इसके बाद पैरा बैडमिंटन का नंबर रहा, जिसमें 16 पदक (3 स्वर्ण, 5 रजत और 8 कांस्य) जीते गए। भारत ने पैरा स्विमिंग में 11, पैरा टेबल टेनिस में 7, पैरा आर्चरी (तीरंदाजी) में 6 और पैरा शूटिंग में 5 पदक जीते। इसके अलावा, पैरा जूडो और पैरा पावरलिफ्टिंग में भी भारत ने 2-2 पदक हासिल किए।
दोहा में खेला जाएगा अगला संस्करण
एशियन पैरालंपिक कमिटी के अध्यक्ष माजिद राशिद ने खेलों के समापन की घोषणा की। उन्होंने पूरे एशिया में पैरा खेलों की बढ़ती ताकत और एक अधिक समावेशी समाज बनाने में इनकी भूमिका पर जोर दिया। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने भी एथलीटों के दृढ़ संकल्प, टीम वर्क और खेल भावना की तारीफ की। एशियाई पैरा गेम्स की शुरुआत 2010 में चीन के ग्वांगझू में हुई थी। यह 'फार ईस्ट एंड साउथ पैसिफिक गेम्स फेडरेशन फॉर द डिसेबल्ड' से विकसित होकर अस्तित्व में आया।
आइची-नागोया संस्करण इस आयोजन का पांचवां चरण था, जबकि 2030 में छठा संस्करण कतर के दोहा में आयोजित किया जाएगा। भारत के लिए, समापन समारोह एक ऐतिहासिक अभियान के अंत का प्रतीक रहा। एक ऐसा अभियान जिसने देश के लिए पदकों का नया मानक स्थापित किया और पैरा-स्पोर्ट्स आंदोलन की गहराई तथा बढ़ती ताकत को प्रदर्शित किया।
