शुक्रवार का दिन भारत के लिए स्वर्णिम रहा। सुरूचि सिंह और कमलजीत ने निशानेबाजी में स्वर्ण का लंबा इंतजार खत्म किया जबकि लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में रजत पदक जीता लेकिन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के बैडमिंटन पुरूष युगल स्पर्धा के पहले दौर से ही बाहर होने से एशियाई खेलों में शुक्रवार को भारत को झटका लगा। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को पहला निशानेबाजी स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता।
एशियन गेम्स 2026 (साभार-X)
कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब 10 मीटर एयर राइफल में पीला तमगा हाथ नहीं लगा और 10 मीटर एयर पिस्टल में व्यक्तिगत, पुरूष और महिला टीम वर्ग में झोली खाली रही। वहीं राइफल स्पर्धा में भारतीय तिकड़ी प्रतियोगिता में काफी समय चीन से आगे चल रही थी, लेकिन अंततः दूसरे स्थान पर रही । भारत ने कुल 1762 अंक बनाये जबकि चीन ने 1766 अंक हासिल किये। ट्रैक और फील्ड में गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे।हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता।
पोल वॉल्ट में पहली बार मेडल
वहीं पोल वॉल्ट में इतिहास रचा गया जब बारानिका एलांगोवान एशियाई खेलों में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने कजाखस्तान की पोलिना इवानोवा के साथ संयुक्त कांस्य पदक हासिल किया क्योंकि दोनों 4.15 मीटर के सर्वश्रेष्ठ ’क्लियरेंस’ और इतने ही असफल प्रयासों की संख्या से बराबरी पर रहीं जिससे टाई हो गया।
शॉटपुट में मनप्रीत कौर और मिश्रित टेबल टेनिस टीम स्पर्धा में दीया चितले और मानुष शाह के कांस्य के साथ भारत के कुल 22 पदक हो गए हैं। मनप्रीत ने 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य जीता जो 2023 के बाद उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है।
बैडमिंटन में भारत का प्रदर्शन
महिला हॉकी टीम ने जापान को 3 . 1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। बैडमिंटन कोर्ट पर गत चैंपियन सात्विक और चिराग की जोड़ी की पहले दौर में हार चौंकाने वाली रही । मिश्रित युगल में तनिशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने लगातार दो जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पूर्व विश्व नंबर एक सात्विक और चिराग ने पहला गेम 21-12 से जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन थाईलैंड के पक्कापोन तीरारत्साकुल और पीराचाई सुकफुन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 से जीत लिया। थाईलैंड की जोड़ी ने निर्णायक गेम 21-14 से जीतकर एक घंटे आठ मिनट में भारतीय जोड़ी को बाहर कर दिया।
महिला युगल में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को हांगकांग की हियू यान सांग और लोक लोक लुई को तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-16 16-21 21-16 से हराने में मशक्कत करनी पड़ी। तनिशा और ध्रुव ने पहले दौर में मालदीव की निबाल अहमद और अमिनाथ नबीहा अब्दुल रज्जाक को 21-8, 21-7 से हराया। इसके बाद उन्होंने मलेशिया की शेवन जेनी लाई और सून हुआट गोह की जोड़ी को एक घंटे चले कड़े मुकाबले में 22-20, 24-22 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की यान झे फेंग और डोंगपिंग हुआंग की जोड़ी से होगा।
इससे पहले महिला एकल में उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में प्रवेश किया। उन्होंने उत्तर कोरिया की मी सोंग यू को 30 मिनट में 21-9, 21-10 से हराया।
भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया।
रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है।
कबड्डी में भारत का प्रदर्शन
भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में जगह बनाकर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीम शनिवार को होने वाले फाइनल में ईरान से भिड़ेंगी। मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने नेपाल पर 48-24 से जीत हासिल की। वहीं मौजूदा चैम्पियन पुरूष टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ 66-28 से जीत दर्ज करके नौवां स्वर्ण पदक जीतने की अपनी उम्मीदें प्रबल कर ली।
तैराकी में निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा जब अनुभवी साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई फाइनल में निराशाजनक सातवें स्थान पर रहे जबकि ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल ने पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में क्रमशः छठा और सातवां स्थान हासिल किया जिससे भारत को तरणताल से कोई पदक नहीं मिला।
मुक्केबाजी में भारत के सचिन सिवाच ने जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह पर कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। लेकिन पिछले सत्र की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार का सफर खत्म हो गया। तलवारबाजी में पुरुषों की फॉइल और महिलाओं की ईपी दोनों टीमें राउंड ऑफ 16 में ही बाहर हो गईं। पुरुषों की फॉइल टीम को हांगकांग से 27-45 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिलाओं की ईपी टीम उज्बेकिस्तान से 29-45 से हार गई।
