Hockey World Cup History: पुरुष हॉकी विश्व कप को शुरू हुए 50 साल से ज्यादा हो गए हैं। इस लंबे सफर में आठ बार की ओलंपिक चैम्पियन भारत को सिर्फ एक बार ही विश्व कप जीतने का मौका मिला। वो ऐतिहासिक पल आया था 1975 में कुआलालम्पुर में।
भारतीय हॉकी का सफर (फोटो साभार- AI Created)
1975 विश्व कप जीता भारत
अजित पाल सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम ने फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 2-1 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। पाकिस्तान ने पहले बढ़त ली थी, लेकिन सुरजीत सिंह और अशोक कुमार के गोल ने भारत को चैंपियन बना दिया। सेमीफाइनल में भारत ने मेजबान मलेशिया को मात दी थी। ओलंपिक में पहले ही 7 स्वर्ण जीत चुकी टीम के लिए ये पहला विश्व कप खिताब था।
भारत ने ही दिया था विश्व कप का आइडिया
विश्व कप का आइडिया भारत और पाकिस्तान ने ही 1969 में दिया था। पहला टूर्नामेंट 1971 में बार्सीलोना में हुआ। भारत सेमीफाइनल में पाकिस्तान से हारकर तीसरे स्थान पर रहा।
1973 में पहुंंचा फाइनल तक
1973 में एम्सटर्डम में भारत फाइनल तक पहुंचा। नीदरलैंड के खिलाफ मैच 2-2 से बराबर था, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में भारत हार गया और रजत से संतोष करना पड़ा।
उतार-चढ़ाव भरा सफर
1978 के बाद से भारत लगातार संघर्ष करता रहा। 1982 में मुंबई में हुए विश्व कप में भी टीम अंतिम चार में नहीं पहुंची। 1986 लंदन विश्व कप में भारत 12 टीमों में आखिरी रहा, लेकिन मोहम्मद शाहिद को उनके जादुई ड्रिब्लिंग के लिए टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। 1994 सिडनी में जुड फेलिक्स की टीम ने 5वां स्थान हासिल किया।
जब भारत ने की मेजबानी
2018 में भुवनेश्वर में मेजबानी करते हुए मनप्रीत सिंह की टीम क्वार्टर फाइनल तक गई और 6ठे स्थान पर रही - जो पिछले कई सालों में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। 2023 में भी भारत ने भुवनेश्वर-राउरकेला में मेजबानी की, लेकिन क्रॉसओवर में न्यूजीलैंड से हारकर 9वें स्थान पर रहा।
पाकिस्तान सबसे कामयाब टीम
विश्व कप में पाकिस्तान 4 बार चैंपियन बनकर सबसे सफल टीम है। नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी ने 3-3 बार खिताब जीते हैं। बेल्जियम के नाम 1 खिताब है।51 साल का इंतजार जारी
1975 के बाद से भारत अब तक पोडियम पर नहीं लौट पाया है। 51 साल का इंतजार अब भी जारी है। हरमनप्रीत सिंह की मौजूदा टीम से उम्मीद है कि वो इस सूखे को तोड़कर भारत को फिर से विश्व मंच पर टॉप पर पहुंचाएगी।
