सिंगापुर: भारतीय ग्रैंडमास्टर डी गुकेश बृहस्पतिवार को यहां रोमांचक 14वीं और आखिरी बाजी में गत चैंपियन चीन के डिंग लिरेन को हराकर वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। 18 वर्षीय गुकेश चेस वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं। गुकेश की खिताबी जीत से पहले रूस के दिग्गज गैरी कास्पारोव सबसे कम उम्र के विश्व शतरंज चैंपियन थे जिन्होंने 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर 22 साल की उम्र में खिताब जीता था।
डी गुकेश
विश्व चैंपियन बनने वाले दूसरे भारतीय
गुकेश इस साल की शुरुआत में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतने के बाद विश्व खिताब के लिए चुनौती पेश करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। वह दिग्गज विश्वनाथन आनंद के बाद वैश्विक खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। पांच बार के विश्व चैंपियन आनंद ने अपना आखिरी खिताब 2013 में जीता था।
खिताबी जीत के बाद कहा-पूरा हुआ सपना
विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीतने के बाद डी गुकेश ने कहा, मैं पिछले 10 वर्षों से इस पल का सपना देख रहा था। मुझे खुशी है कि मेरा यह सपना पूरा हुआ। मैं थोड़ा भावुक हो गया था क्योंकि मुझे जीत की उम्मीद नहीं थी, लेकिन फिर मुझे आगे बढ़ने का मौका मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीत को बताया ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डी गुकेश के विश्व चैंपियन बनने की बधाई दी। उनकी खिताबी जीत को ऐतिहासिक और अनुकरणीय करार देते हुए पीएम मोदी ने कहा, डी गुकेश को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई। यह उनकी अद्वितीय प्रतिभा, कड़ी मेहनत और अटूट दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उनकी जीत ने न केवल शतरंज के इतिहास में उनका नाम दर्ज किया है, बल्कि लाखों युवा दिमागों को बड़े सपने देखने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया है। उनके उज्जवल भविष्य के लिए लिए मेरी शुभकामनाएं।
