सेंट लुई (अमेरिका): भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए एक राउंड शेष रहते ही अपना पहला सेंट लुई रैपिड एवं ब्लिट्ज टूर्नामेंट का खिताब जीता। इस 20 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने कुल 23.5 अंक के साथ खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अपने करीबी प्रतिद्वंदी तथा विश्व चैंपियनशिप के चक्र के दावेदारों में से एक उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को पर्याप्त अंतर से पीछे छोड़ा।
आर प्रज्ञानानंदा
प्रज्ञानानंदा ने ग्रैंड शतरंज टूर के आखिरी रैपिड और ब्लिट्ज टूर्नामेंट के अंतिम दिन एक भी मैच नहीं गंवाया। उन्होंने ग्रैंड शतरंज टूर्नामेंट (जीसीटी) में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है, जिससे इस साल के अंत में होने वाले ग्रैंड फाइनल में उनकी जगह लगभग पक्की हो गई है। इस भारतीय खिलाड़ी को अब क्लासिकल प्रणाली के तहत खेले जाने वाले सत्र के आखिरी टूर्नामेंट में भी अपनी यही फॉर्म बरकरार रखनी होगी जो 10 से 19 अगस्त तक क्लासिक प्रारूप में खेला जाएगा।
सिंदारोव के खिलाफ मामूली बढ़त के साथ रैपिड वर्ग में जीत हासिल करने के बाद प्रज्ञानानंदा ने ब्लिट्ज में केवल एक गेम हारा। उन्होंने इस वर्ग में संभावित 18 में से 11.5 अंक प्राप्त किए। सिंदारोव रैपिड वर्ग में प्रज्ञाननंदा से पूरे एक अंक से पीछे रहे। उन्हें 22 अंकों के साथ दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा जबकि अमेरिका के वेस्ली सो 20 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
प्रज्ञानानंदा इस जीत से जीसीटी रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंच गए। अब उन्हें रविवार से शुरू होने वाले क्लासिकल टूर्नामेंट में सतर्क रहना होगा और अगर वह शीर्ष तीन में जगह बना लेते हैं तो यह भारतीय खिलाड़ी के लिए एक और शानदार उपलब्धि होगी, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में मैग्नस कार्लसन को पीछे छोड़कर नॉर्वे क्लासिक जीता था।
प्रज्ञानानंदा ने जीत के बाद 'एक्स' पर लिखा,'मैं इस जीत से बहुत ज्यादा खुश हूं। यह मेरी पहली मेजर रैपिड एवं ब्लिट्ज जीत है, इसलिए मैं बहुत खुश हूं। मैं अपनी पूरी टीम और परिवार का शुक्रिया करना चाहता हूं जिन्होंने मेरा पूरा समर्थन किया। अब मैं सिंकेफील्ड कप में खेलूंगा जो तीन दिन में शुरू होगा। इसलिए आराम का ज्यादा समय नहीं है और यह जीसीटी फाइनल से पहले का टूर्नामेंट भी है। इसलिये यह सचमुच रोमांचक होगा।'
