भारतीय महिला हॉकी टीम की दीवार कही जाने वाली गोलकीपर सविता पूनिया ने एफआईएच नेशंस कप की खिताबी जीत को विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले का सबसे अहम पड़ाव बताया है। ऑकलैंड में रविवार को मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से हराकर भारत ने न सिर्फ ट्रॉफी अपने नाम की बल्कि एफआईएच प्रो लीग में वापसी भी तय कर ली। पिछले सीजन खराब प्रदर्शन के बाद टीम लीग से बाहर हो गई थी। ऑकलैंड से फोन पर बातचीत में सविता ने कहा कि प्रो लीग में रहना इसलिए जरूरी है क्योंकि यहीं दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ लगातार खेलने का मौका मिलता है। इसी साल महिला विश्व कप और एशियाई खेल होने हैं, ऐसे में यह जीत टीम का मनोबल बढ़ाने वाली है। सविता का मानना है कि जब टीम एक यूनिट की तरह खेलती है तो भारत किसी भी प्रतिद्वंद्वी को मात दे सकता है।
महिला हॉकी टीम (@TheHockeyIndia)
गोलकीपर सविता पुनिया ने बताया कैसा है टीम का माहौल
टीम की सबसे सीनियर खिलाड़ी होने के नाते सविता की कोशिश रहती है कि मैदान के अंदर और बाहर ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक रहे। उन्होंने बताया कि दूसरी गोलकीपर बिछू देवी के साथ उनका तालमेल शानदार है। दोनों एक-दूसरे को सपोर्ट करती हैं और युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन भी करती हैं। सविता के मुताबिक सीनियर-जूनियर का यह कॉम्बिनेशन ही टीम की असली ताकत है। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक पहुंचाने वाले कोच शोर्ड मारिन की इस साल वापसी हुई है। सविता ने कहा कि मारिन तब भी सर्वश्रेष्ठ थे और आज भी हैं। उनका टीम पर भरोसा, हर खिलाड़ी से समान व्यवहार और जीत की मानसिकता ड्रेसिंग रूम को मजबूत बनाती है। कोचिंग स्टाफ में विश्लेषण कोच मथियास विला टीम के ढांचे और अटैक पर काम कर रहे हैं, जबकि स्ट्रेंथ-एंड-कंडीशनिंग कोच वेन लोम्बार्ड, ट्रेनर रोडेट और कियारा फिटनेस का स्तर लगातार ऊपर ले जा रहे हैं। ड्रैग फ्लिक कोच ताइके ताकेमा के आने से पेनल्टी कॉर्नर में भी सुधार दिख रहा है।
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अब विश्व कप पर है टीम का फोकस
अब टीम का पूरा फोकस विश्व कप पर है। सविता ने कहा कि लक्ष्य पोडियम फिनिश करना है। इसके बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट हासिल करना प्राथमिकता होगी। उन्होंने माना कि टीम का पेनल्टी कॉर्नर अटैक अच्छा चल रहा है, लेकिन डिफेंस में निरंतरता लानी होगी। आक्रामक हॉकी को नतीजों में बदलना सबसे बड़ी चुनौती है। भारत लौटते ही सविता मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में पद्मश्री सम्मान ग्रहण करेंगी। उनका नाम 23 जून वाले दूसरे ग्रुप में शामिल है। सविता ने कहा कि परिवार बरसों से इस पल का इंतजार कर रहा था और यह सम्मान पूरी टीम को समर्पित है। 36 साल की हो चुकी सविता फिटनेस पर विशेष ध्यान दे रही हैं। रिकवरी, डाइट और फुटवर्क पर रोज काम होता है। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों तक पूरा फोकस हॉकी पर रहेगा, उसके बाद ही भविष्य को लेकर कोई फैसला लेंगी। फिलहाल उनका एक ही मंत्र है—एकजुट रहो, मेहनत करो और देश के लिए हर मैच जीतो।
