FIFA World Cup 2026, USA vs BELGIUM: अपने देश में हो रहे फीफा वर्ल्ड कप में आगे बढ़ने की अमेरिका की उम्मीदें तब खत्म हो गईं जब चार्ल्स डी केटेलेरे ने दो गोल किए और एक गोल में मदद की। उनकी मदद से बेल्जियम ने सोमवार रात 4-1 से जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, साथ ही अमेरिकी टीम की डिफेंस की कमियों को भी उजागर किया। इसी के साथ फीफा विश्व कप 2026 के तीनों मेजबान देश टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। पहले कनाडा, फिर मेक्सिको और अब अमेरिका का भी वर्ल्ड कप में सफर समाप्त हो गया है।
बेल्जियम ने मेजबान अमेरिका को फीफा वर्ल्ड कप से किया बाहर
हालांकि स्टार फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन की मौजूदगी से अमेरिका का हौसला बढ़ा था (जिन पर एक मैच के लिए लगा रेड-कार्ड सस्पेंशन FIFA ने विवादित तरीके से हटा दिया था) लेकिन अमेरिकी डिफेंडरों की गलती से पहले हाफ में दो गोल हुए और गोलकीपर मैट फ्रीज़ की एक गलती से बेल्जियम को दूसरे हाफ की शुरुआत में तीसरा गोल मिल गया।
दूसरे हाफ में सब्स्टीट्यूट के तौर पर आए रोमेलु लुकाकू ने स्टॉपेज टाइम के तीसरे मिनट में बेल्जियम के लिए आखिरी गोल किया। अब बेल्जियम शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल मैच में कैलिफोर्निया के इंगलवुड में स्पेन का सामना करेंगे।
मलिक टिलमैन ने टूर्नामेंट में अपनी दूसरी फ्री-किक गोल से पहले हाफ के बीच में स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया, लेकिन इसके ठीक बाद किक-ऑफ के 61 सेकंड बाद ही अमेरिकी टीम ने गोल खा लिया।
बालोगुन के खेलने से हलचल और विवाद बढ़ा, अमेरिका को कोई फायदा नहीं हुआ
बेल्जियम के खिलाफ यूएसए की टीम में फोलारिन बालोगुन के खेलने से फ़ुटबॉल की दुनिया में जबरदस्त हलचल मची, लेकिन सोमवार को वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ़ 16 में अमेरिका की 1-4 से हार में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। 25 साल के इस स्ट्राइकर ने इस वर्ल्ड कप में तीन गोल किए थे। बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ़ यूएए की जीत के दौरान उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया था, लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दखल के बाद FIFA ने सोमवार के मैच के लिए उनका सस्पेंशन हटा दिया। फीफा के इस फैसले पर फ़ुटबॉल जगत के बड़े लोगों ने वर्ल्ड कप की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। यूरोप की फ़ुटबॉल संस्था UEFA ने कहा कि FIFA ने "हद पार कर दी है" और बेल्जियम के फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन ने बालोगुन के खेलने की योग्यता पर सवाल उठाए।
