भारत का पहला गोल्ड मेडलिस्ट बनने के लिए धीरज ने 19 साल की मेहनत, संघर्ष याद कर रो पड़े पिता

Dhiraj Bommadevara Gold: धीरज बोम्मदेवर ने साल्टिलो, मेक्सिको में आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल 2026 के फाइनल में गोल्ड जीतकर इतिहास बना दिया है। वह इस बड़े टूर्नामेंट में व्यक्तिगत खिताब जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। इस ऐतिहासिक जीत के बाद उनके पिता श्रवण कुमार भावुक हो गए।

Dhiraj Bommadevara Gold: भारतीय तीरंदाजी को अपना नया हीरो मिल गया है। धीरज बोम्मदेवर ने मेक्सिको के साल्टिलो में खेले गए आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल 2026 में इतिहास रच दिया है। धीरज इस सीजन-एंडिंग टूर्नामेंट में इंडिविजुअल गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए हैं। फाइनल में उन्होंने जापान के नाकानिशी जुंया को शूट-ऑफ में 6-5 से हराकर खिताब जीता। धीरज के इस ऐतिहासिक गोल्ड के बाद उनके पिता बोम्मदेवर श्रवण कुमार की आंखें नम हो गईं। उन्होंने ANI से कहा, "जब धीरज वर्ल्ड चैंपियन बना तो हम बेहद खुश थे। इस गोल्ड के पीछे सालों की मेहनत है। वह रोज 6 से 7 घंटे प्रैक्टिस करता था। उसने 2006 में सफर शुरू किया था और 19 साल बाद भारत ने वर्ल्ड आर्चरी चैंपियनशिप में गोल्ड जीता है।"

Dhiraj Bommadevara

धीरज बोम्मदेवर (फोटो साभार- dhiraj_bommadevara)

सांस रोक देने वाला था फाइनल मुकाबला

परिवार के सदस्य चंद्र प्रकाश ने भी धीरज के बचपन को याद किया। उन्होंने कहा, "धीरज बचपन से ही असाधारण बच्चा था। उसमें शुरू से ही डेडिकेशन और डिसिप्लिन था। खेलों के प्रति उसका जुनून अलग ही था। उसके माता-पिता ने उसे इस मुकाम तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।" फाइनल मुकाबला सांसें रोक देने वाला था। 5 सेट तक स्कोर 5-5 से बराबर था। पहला सेट 28-28 से टाई रहा। दूसरा सेट जापानी तीरंदाज ने 29-28 से जीता, तीसरा धीरज ने 29-28 से वापस लिया। चौथे सेट में नाकानिशी ने 30-28 से बढ़त बनाई। पांचवें सेट में धीरज को जीतना ही था और उन्होंने दबाव में 28-27 से सेट जीतकर शूट-ऑफ कराया। शूट-ऑफ में धीरज ने 10 का परफेक्ट शॉट लगाया जबकि जापानी खिलाड़ी 9 पर रह गए।

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