ग्लास्गो: भारत की 20 साल की महिला मुक्केबाज प्रियाने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में भारत के लिए 60 किग्रा भारवर्ग में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। प्रिया ने फाइनल में कनाडा की मैरी अल अहमदिए को पटखनी देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने मैच में शानदार प्रदर्शन किया। यह भारत के लिए ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में बॉक्सिंग रिंग में मिला चौथा गोल्ड और कुल पांचवां मेडल है। पहले राउंड में भारतीय मुक्केबाज 2-3 से पिछड़ गई थीं। दूसरा राउंड प्रिया ने 4-1 से अपने नाम किया और मुकाबले में वापसी करने में सफल रहीं। ऐसे में तीसरे और निर्णायक राउंड में भी जजों ने प्रिया के पक्ष में फैसला दिया इसके साथ ही उन्होंने गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। साक्षी ने अप्रैल 2026 में एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इस फॉर्म को उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भी जारी रखा।
प्रिया घंघास (फोटो क्रेडिट AI Generated)
भारत को दिलाया चौथा गोल्ड
प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया और साक्षी चौधरी (विमेंस 51 किग्रा) के बाद प्रिया गोल्ड मेडल जीतने वाली चौथी भारतीय हैं। वहीं जादूमणि सिंह(55 किग्रा) सिल्वर मेडल अपने नाम कर चुके हैं। भारत के पांच मुक्केबाज अंकुश पंघल(पुरुष 80 किग्रा), अरुंधति चौधरी (विमेंस 70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (विमेंस 75 किग्रा), सचिन सिवाच(पुरुष 60 किग्रा), नरेंदर बेरवाल(90 किग्रा) गोल्ड मेडल जीतने के दावेदार हैं। जादुमणि का फाइनल में हार के साथ भारत का बॉक्सिंग में 10 गोल्ड मेडल जीतने का सपना टूट गया। हालांकि महिलाओं ने लगातार चौथा गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
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33 हुई भारत के पदकों की संख्या, पांचवें पायदान पर पहुंचा
प्रिया घंघास के गोल्ड मेडल के साथ ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पदकों की संख्या 33 हो गई है। 10 गोल्ड, 15 सिल्वर और 8 कांस्य पदक आ चुके हैं। भारत इस प्रदर्शन के साथ पदक तालिका में चौथे पायदान पर आ गया है। बॉक्सिंग रिंग में भारत के खाते में 4 गोल्ड और एक सिल्वर मेडल आज चुका है। पांच गोल्ड मेडल मुकाबले अभी बाकी हैं। पदक तालिका में भारत अब ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा से पीछे है।
