Wriddhiman Saha Retirement: करियर का आखिरी रणजी मुकाबला खेलने के बाद रिद्धिमान साहा ने किया संन्यास का ऐलान

भारतीय टीम के विकेटकीपर रहे रिद्धिमान साहा ने रपंजाब के खिलाफ करियर का णजी ट्रॉफी में अपना अंतिम मुकाबला खेलने के बाद सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। जानिए कैसा रहा साहा का करियर?

कोलकाता: भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज रिद्धिमान साहा ने पंजाब के खिलाफ बंगाल के लिए अपना अंतिम रणजी ट्रॉफी मैच खेलने के बाद शनिवार को प्रतिष्ठित ईडन गार्डन्स में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया। चालीस साल के साहा ने अपने शानदार करियर के दौरान भारत के लिए 2010 में पदार्पण करने के बाद 40 टेस्ट और नौ एकदिवसीय मैच खेले हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में बंगाल और त्रिपुरा के लिए कुल मिलाकर 142 प्रथम श्रेणी और 116 लिस्ट ए मैच खेले हैं।

Wriddhiman Saha

रिद्धिमान साहा( Wriddhiman Saha)

आज जो भी हूं क्रिकेट की वजह से हूं

साहा ने एक्स पर लिखा,'जब मैंने 1997 में पहली बार क्रिकेट के मैदान पर कदम रखा था तब से 28 साल हो गए हैं, और यह यात्रा शानदार रही है। अपने देश, राज्य, जिले, क्लब, विश्वविद्यालय, कॉलेज और स्कूल का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है।'साहा ने अपने जीवन पर क्रिकेट के प्रभाव पर कहा, 'आज मैं जो कुछ भी हूं, हर उपलब्धि, हर सीखा हुआ सबक, मैं इन सबका श्रेय इस अद्भुत खेल को देता हूं। क्रिकेट ने मुझे बेहद खुशी के पल, अविस्मरणीय जीत और अमूल्य अनुभव दिए हैं। इसने मेरी परीक्षा भी ली है और मुझे उससे निपटना के बारे में भी सिखाया है।'

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