निशिन: भारत को शनिवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करना होगा और यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों टीमों के खिलाड़ी अन्य खेलों के खिलाड़ियों की तरह एक-दूसरे से हाथ मिलाएंगे या नहीं। भारत ने गुरुवार को सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला तय किया। इस मुकाबले के मैदान पर क्रिकेट के साथ-साथ मैदान के बाहर के घटनाक्रम को लेकर भी चर्चा में रहने की संभावना है।
भारत बनाम पाकिस्तान, एशियन गेम्स 2026 फाइनल (फोटो क्रेडिट AI Generated/News Room Verified)
बढ़ेगा नो हैंडशेक नीति का दायरा?
मैच से पहले एक बार फिर इस बात पर विस्तृत चर्चा होगी कि दोनों टीम के खिलाड़ी हाथ मिलाएंगे या नहीं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पिछले साल से भारतीय खिलाड़ियों ने एशिया कप और आईसीसी प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से परहेज किया है। इसे भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया है। पाकिस्तान के साथ हाथ नहीं मिलाने की यह नीति एशियाई क्रिकेट परिषद और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की प्रतियोगिताओं में जारी रहने वाली है लेकिन सवाल यह है कि क्या इसे एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) द्वारा आयोजित महाद्वीपीय खेलों तक भी बढ़ाया जाएगा?
अनिवार्य नहीं है हाथ मिलाना
ओसीए या अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के नियम खिलाड़ियों के लिए हाथ मिलाना अनिवार्य नहीं करते लेकिन इसे खेल भावना और शिष्ट आचरण के मानकों में शामिल माना जाता है। ओलंपिक 2016 में मिस्र के जूडो खिलाड़ी इस्लाम एल शेहाबी ने इजराइल के खिलाड़ी ओर ससोन से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। आईओसी ने उन पर जुर्माना नहीं लगाया था लेकिन ’निष्पक्ष खेल और मित्रता की भावना के नियमों’ का उल्लंघन करने के लिए उन्हें फटकार लगाई थी। बाद में उनकी अपनी टीम ने उन्हें वापस भेज दिया था।
अन्य देशों के खिलाड़ियों के बीच हुआ है ऐसा
मौजूदा युद्ध के कारण यूक्रेन के खिलाड़ी भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार करते रहे हैं। अब यह देखना होगा कि भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन अपनी मौजूदा नीति पर कायम रहता है या मैच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाता है। आखिरकार यहां हिस्सा ले रहे अन्य भारतीय खिलाड़ियों के लिए पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों से हाथ मिलाना मुद्दा नहीं रहा है।
देवजीत सैकिया के नागोया पहुंचने के बाद होगा फैसला
क्रिकेट में इस बारे में फैसला बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के नागोया पहुंचने के बाद लिया जाएगा। आईसीसी के चेयरमैन जय शाह के भी इस मुकाबले को देखने के लिए पहुंचने की उम्मीद है। मौजूदा एशियाई खेलों की टेबल टेनिस और स्क्वाश स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों के साथ परंपरागत रूप से हाथ मिलाते देखा गया है।
(भाषा)
