Vaibhav Sooryavanshi Most Special Inning: भारतीय क्रिकेट की युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को आज हर क्रिकेट प्रेमी जानता है। वैभव सूर्यवंशी ने मात्र 14 साल की छोटी उम्र में क्रिकेट में बड़े-बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। IPL के पहले गेंद में छक्का मारना हो, या फिर तीसरे ही मैच में 35 गेंद में सेंचुरी जड़ना हो। वैभव सूर्यवंशी ने इतनी छोटी उम्र में बड़े-बड़े गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए हैं। उनकी 35 गेंदों की सेंचुरी आईपीएल के इतिहास की दूसरी सबसे तेज सेंचुरी है। पहले नंबर पर क्रिस गेल हैं, जिन्होंने मात्र 30 गेंदों में आईपीएल सेंचुरी जड़ी है। हालांकि, वैभव सूर्यवंशी अपनी इस पारी को सबसे स्पेशल नहीं मानते हैं।
वैभव सूर्यवंशी (Instagram)
अंडर-19 विश्वकप फाइनल की पारी सबसे खास
राजस्थान रॉयल्स की नई जर्सी के अनावरण के अवसर पर सूर्यवंशी ने कहा कि IPL में मारी गई 35 गेंदों की सेंचुरी उनकी सबसे स्पेशल पारी नहीं है। दरअसल, वैभव ने अंडर-19 विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ बनाए गए शतक को अपने करियर की ’विशेष’ पारी करार दिया। इस पारी ने भारत को खिताबी जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में वैभव ने मात्र 80 गेंदों में 175 रन की शानदार पारी खेली थी। जिससे भारतीय टीम छठी बार अंडर-19 विश्व कप जीतने में सफल रहा था।
'अंडर-19 विश्वकप जीतना सबसे यादगार पल'
इस पारी को लेकर सूर्यवंशी ने कहा, 'मेरे लिए करियर का अभी तक का यादगार पल हरारे में अंडर-19 विश्व कप की फाइनल पारी है। मैं पहली बार अंडर-19 विश्व कप में खेल रहा था। फाइनल में शतक बनाना मेरे लिए गर्व का क्षण था। फाइनल में मैंने टीम के लिए जो योगदान दिया वह विशेष था।' वहीं जब वैभव से इस साल के आईपीएल में उनके लक्ष्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह केवल प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और अन्य चीजों के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मैं अपना ध्यान टीम को मैच जिताने में योगदान देने पर केंद्रित करता हूं। मैं बस अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करता हूं। किसी भी क्षेत्र में जब आप अच्छा काम करते हैं तो लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचते हैं लेकिन मैं उस पर ध्यान नहीं दे रहा हूं। मेरा पूरा ध्यान अपने काम पर है।'
