IND vs ENG 1st Test: इंग्लैंड दौरे पर पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए कमर कस चुकी भारतीय टेस्ट टीम नए अंदाज में मैदान पर उतरने वाली है। कई महान खिलाड़ी अब टीम का हिस्सा नहीं हैं और तमाम युवा खिलाड़ियों के साथ शुभमन गिल (Shubman Gill) की अगुवाई वाली भारतीय टेस्ट टीम को इंग्लैंड की कठिन परिस्थितियों का सामना करना होगा। इसमें सबसे कठिन चुनौती पेश करेगी वहां की पिच। लीड्स में 20 जून से शुरू होने वाले पहले टेस्ट में कैसी पिच होने वाली है इसका खुलासा वहां के पिच क्यूरेटर ने कर दिया है।
लीड्स के मैदान प्रमुख ने पहले टेस्ट की पिच का किया खुलासा (Instagram)
लीड्स के मैदान प्रमुख रिचर्ड रॉबिन्सन ने कहा है कि यहां असामान्य रूप से शुष्क मौसम और इंग्लैंड की आक्रामक खेल शैली ने शुक्रवार से भारत के खिलाफ शुरू होने वाले पहले टेस्ट के लिए ‘अच्छी सतह’ की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। लीड्स आमतौर पर किसी श्रृंखला के बीच में टेस्ट मैच की मेजबानी करता है लेकिन यहां शुरुआती मैच के आयोजन ने बहुत अधिक ध्यान आकर्षित किया है।
रॉबिन्सन ‘ईएसपीएनक्रिकइन्फो’ से कहा, ‘‘वे (इंग्लैंड) बस एक अच्छी सतह चाहते हैं, ताकि हम गेंद की लाइन पर हिट कर सकें। वे यही चाहते हैं।’’ रॉबिन्सन को उम्मीद है कि शुरुआती दिन पिच तेज गेंदबाजों की मदद करेगी लेकिन अपेक्षित गर्मी के कारण सपाट हो जाएगी। पिच ना केवल इंग्लैंड की बैजबॉल शैली (हर हाल में आक्रामक होकर खेलने की शैली) के अनुकूल होगी बल्कि यह अनुभवहीन भारतीय बल्लेबाजी क्रम को भी मुकाबले में बने रहने का अधिक मौका देगी।
रोहित शर्मा और विराट कोहली के संन्यास के बाद शुभमन गिल की अगुवाई वाली भारतीय टीम में लोकेश राहुल सबसे सीनियर खिलाड़ी होंगे जिन्हें एसईएनए (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) देशों में अपने साधारण रिकॉर्ड को देखते हुए काफी कुछ साबित करना होगा। बल्लेबाजी क्रम में यशस्वी जायसवाल भी शामिल हैं जो सीनियर टीम के साथ इंग्लैंड के अपने पहले दौरे पर आए हैं। करुण नायर ने पिछली बार 2017 में टेस्ट मैच खेला था।
भारतीय टीम सोमवार को यहां पहुंची जबकि इंग्लैंड ने हेडिंग्ले में एक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया जहां दिन के दौरान पिच को ढककर रखा गया था। भारत ने पिछले दो दशक में यहां बहुत अधिक क्रिकेट नहीं खेला है। टीम को 2021 में यहां अपने पिछले मैच में पारी की हार का सामना करना पड़ा था।
