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तीसरे T20 में भारत से मिली करीबी हार के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान होप ने क्या कहा, यहां जानिए

IND vs WI 3rd T20I, West Indies Captain Shai Hope Statement: टीम इंडिया के गेंदबाजों ने तीसरे टी20 के अंतिम पलों में शानदार गेंदबाजी करते हुए जीत की तरफ बढ़ती वेस्टइंडीज को रोकने में अहम भूमिका निभाई। लक्ष्य के करीब आकर भी वेस्टइंडीज 14 रन से हार गया। आइए जानते हैें इस हार के बाद मेहमान टीम के कप्तान शाई होप ने क्या कहा।

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वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप

Photo : AP

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरे टी20 मैच में टीम इंडिया ने 14 रनों से करीबी व रोमांचक जीत दर्ज की। भारत द्वारा दिए गए 224 रनों के लक्ष्य के जवाब में वेस्टइंडीज की टीम ने 7 विकेट पर 209 रन बनाए और अंतिम क्षणों में हार गए। इस हार के बाद वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप, जो इस मैच में सिर्फ पांच रन ही बना पाए, ने कहा कि यह मैच "बहुत छोटे अंतर" वाला था। उन्हें लगता है कि टीम गेंदबाज़ी में बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी और कम बाउंड्री दे सकती थी।

उन्होंने कहा, "छोटी-छोटी बातें अहम साबित हो सकती हैं, जैसे कि लाइन से भटक जाना। यही जीतने और हारने वाली टीम के बीच फर्क पैदा करता है। तो, शायद गेंदबाज़ी में हम थोड़ा बेहतर कर सकते थे, शायद पिच का थोड़ा और फ़ायदा उठा सकते थे, और कुछ रन हमने बाउंड्री पर दे दिए। किसी भी मैच के आखिर में ये छोटे-छोटे अंतर ही फ़ैसला करने वाले साबित हो सकते हैं।"

हालांकि, वेस्टइंडीज के कप्तान ने सकारात्मक पहलू पर भी ध्यान दिया कि भारत का स्कोर 115/1 से गिरकर 135/5 हो गया, और कहा कि जिस तरह से वेस्टइंडीज ने मैच में वापसी की, वह तारीफ़ के काबिल था। उन्होंने आगे कहा, "जब आप उनकी (अभिषेक-ईशान) बल्लेबाज़ी की साझेदारी को देखते हैं, तो वह बहुत खतरनाक साबित हो सकती थी। हमें कुछ विकेट मिले, रोस्टन (चेस) ने अपना काम बखूबी किया, और बाकी खिलाड़ियों ने भी अच्छा फ़िनिश किया, जिससे हमें उस स्कोर का पीछा करने का अच्छा मौका मिला।"

वेस्टइंडीज के कप्तान ने माना कि टॉप ऑर्डर (जिसमें वे खुद भी शामिल थे) की नाकामी ने वेस्टइंडीज को मुश्किल स्थिति में डाल दिया। उन्होंने आगे कहा, "अगर आपको अच्छी शुरुआत मिल जाती है, तो बीच के ओवरों में आने वाले बल्लेबाज़ों के लिए काम आसान हो जाता है। लेकिन आप किसी एक या दो खिलाड़ियों को ही पूरी तरह ज़िम्मेदार नहीं ठहरा सकते। यह पूरी टीम की सामूहिक कोशिश होती है, और आज हमारे लिए ऐसा नहीं हो पाया। लेकिन, जैसा कि मैंने कहा, बहुत कम अंतर था, सिर्फ़ 14 रन। कुछ नहीं कहा जा सकता, अगर थोड़ा इधर-उधर होता, तो हम फिर से जीत सकते थे।"

होप ने कहा कि लक्ष्य का पीछा करते समय पिच थोड़ी सूख गई थी और तेज़ गेंदबाज़ों ने उसका अच्छा इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। उन्होंने यॉर्कर का सही इस्तेमाल करने के लिए भारतीय गेंदबाज़ों की तारीफ़ की। होप ने कहा, "आमतौर पर जब हालात थोड़े सूखे होते हैं, तो उस तरफ से थोड़ा ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। और हां, जब मौसम थोड़ा सूखा हो, तो चीज़ें हमेशा ज़्यादा मुश्किल हो जाती हैं, खासकर बल्लेबाज़ी के नज़रिए से। और उन्होंने वाकई बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की। आपको भारतीय गेंदबाज़ों को श्रेय देना होगा। उन्होंने यॉर्कर फेंके; उन्होंने आज हमें दिखाया कि असल में यॉर्कर कैसे फेंके जाते हैं।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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