लॉर्ड्स में चला वॉशिंगटन की फिरकी का जादू, हुई भारतीय ऑलराउंडर्स के स्पेशल क्लब में एंट्री

वॉशिंगटन सुंदर ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के तीसरे टेस्ट की तीसरी पारी में 4 विकेट चटकाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में विकेटों का शतक पूरा करके दोहरी उपलब्धि हासिल कर ली और लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 51 साल में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन करने वाले भारतीय बने।

Washington Sunder: भारत के स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले जा रहे सीरीज के तीसरे टेस्ट की दूसरी पारी में अपनी फिरकी से कहर बरपाकर मेजबान टीम को सस्ते में समेटने में अहम भूमिका अदा की। दोनों टीमें इस मैच की पहली पारी में 387 -387 रन बना सकीं। बगैर किसी बढ़त के दूसरी पारी में खेलने उतरी इंग्लिश टीम के सामने बड़ा स्कोर खड़ा करने की चुनौती थी। लेकिन मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह, आकाशदीप ने इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को नई गेंद से धराशाई कर दिया। लेकिन गेंद को पुरानी होने के बाद गेंदबाजी करने आए वॉशिंगटन सुंदर ने फिरकी का जादू दिखाया और जो रूट, बेन स्टोक्स और जैमी स्मिथ जैसे धाकड़ खिलाड़ियों को बोल्ड करके पवेलियन वापस भेजकर टीम इंडिया की जीत की संभावनाओं को प्रबल कर दिया।

Washington Sundar

वॉशिंगटन सुंदर (फोटो क्रेडिट AP)

भारतीय गेंदबाज का लॉर्ड्स में 51 साल में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन

सुंदर ने 12.1 ओवर में 22 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए। चारों विकेट सुंदर ने अंग्रेज बल्लेबाजों को बोल्ड करके हासिल किए। इंग्लैंड की टीम दूसरी पारी में 192 रन बनाकर ढेर हो गई। पारी का आखिरी विकेट सुंदर ने शोएब बशीर के रूप में हासिल किया। सुंदर का ये प्रदर्शन लॉर्ड्स में किसी भी भारतीय गेंदबाज का पिछले 51 साल में सर्वश्रेष्ठ है। साल 1974 में बिशन सिंह बेदी ने यहां 226 रन देकर 6 विकेट चटकाए थे।

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