चैंपियंस लीग 2017 फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हार के बाद टीम इंडिया के मुख्य कोच अनिल कुंबले ने पद से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद तमाम नामों की चर्चा थी जो भारतीय क्रिकेट टीम के कोच पद को हासिल कर सकते हैं, इस फेहरिस्त में पूर्व दिग्गज भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का नाम भी शामिल था। अब सहवाग ने खुलासा किया है कि आखिर उन्होंने उस प्रस्ताव को क्यों ठुकरा दिया था। बाद में रवि शास्त्री भारतीय टीम के कोच बने थे।
वीरेंद्र सहवाग और विराट कोहली
ये वही समय था जब अनिल कुंबले और पूर्व कप्तान विराट कोहली के बीच चीजें सही ना चल पाने के कारण काफी विवाद खड़ा हुआ था, बाद में कुंबले ने पद छोड़ने का फैसला लिया था। 'न्यूज18 इंडिया चौपाल' में चर्चा के दौरान वीरेंद्र सहवाग ने खुलासा किया कैसे विराट कोहली और उस समय के बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी उनके पास प्रस्ताव लेकर आए थे।
सहवाग ने कहा, "मैं आवेदन ना करता अगर विराट कोहली और बीसीसीआई सचिव अमिताभ चौधरी ने खुद संपर्क ना किया होता। हमारी बैठक हुई, जिसमें उन्होंने (अमिताभ चौधरी) ने बताया कि विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच चीजें ठीक नहीं चल रही हैं और वे चाहते हैं कि मैं कोचिंग पद ले लूं। उन्होंने मुझसे कहा कि 2017 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद कुंबले का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा और तब तुम वेस्टइंडीज दौरे पर टीम के साथ जा सकते हो।"
क्या कप्तान ना बनने का कोई मलाल?
जब सहवाग से इस कार्यक्रम के दौरान ये पूछा गया कि क्या उनको कप्तान ना बन पाने का कोई मलाल रहा, तो इस पर वो बोले, "बिल्कुल नहीं, मैं खुश हूं जो कुछ मैंने हासिल किया। नजफगढ़ के एक छोटे किसान परिवार से आते हुए, मुझे भारत के लिए खेलने का मौका मिला। सभी फैंस से इतना प्यार और प्रोत्साहन मिला, अगर कप्तान बनता तब भी उतना ही प्यार मिलता।"
