समय आने पर सही व्यक्ति सामने आता है। यह कहावत विराट कोहली पर एकदम सही बैठती है। जब भी टीम मुश्किल में फंसी होती है। तब किंग कोहली बाजी पलट देते हैं। आईपीएल 2026 फाइनल में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ विराट कोहली चट्टान की तरह खड़े रहे। रन चेज मास्टर ने अपनी सबसे तेज आईपीएल फिफ्टी जड़ी। गुजरात के खिलाफ एक छोर पकड़ कर आरसीबी को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया।
विराट कोहली का बयान। फोटो- AP
लगातार दूसरी बार आईपीएल खिताब जीतने के बाद विराट कोहली के चेहरे पर एक सुकून दिखा। फाइनल में उन्होंने 42 गेंद पर 9 चौके और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 72 रन की पारी खेली। खिताब डिफेंड करने के बाद विराट कोहली ने कहा कि टीम ने बेहतरीन स्किलसेट, मैच्योरिटी और कंपोजर दिखाया है। वहीं, विराट ने यह भी कहा कि वह फाइनल में आरसीबी के लिए विजयी रन बनाने का सपना देखते थे।
'मैंने कई बार इसका सपना देखा'
उन्होंने पुरस्कार समारोह में कहा, 'यह वही पल है जिसका हर खिलाड़ी सपना देखता है। मैंने कई बार इस क्षण की कल्पना की थी, खासकर विजयी रन बनाने की। बल्लेबाजी के लिए उतरते समय मैं पूरी तरह सहज था। हमारी टीम का संयोजन ऐसा है जो किसी भी परिस्थिति से बाहर निकलने का भरोसा देता है।'
दबाव हमारे ऊपर...
विराट ने कहा, पिछले साल जितना दबाव हमारे ऊपर था, इस बार उतना दबाव नहीं था और यही मैंने खिलाड़ियों से कहा था। हमने टेबल टॉप किया। आज रात खिलाड़ियों का संयम साफ झलक रहा था। मैंने लड़कों से कहा था कि अगर हम अपने प्लान को अमल में लाएं तो हम जीत सकते हैं, जैसे मैंने कहा कि हम बेस्ट टीम हैं। हमने बेहतरीन स्किलसेट, मैच्योरिटी और कंपोजर दिखाया।
'इस बार वर्ल्ड क्लास गेंदबाजी'
कोहली ने आगे कहा, ब्रेक के बाद हमें दो हार मिलीं, लेकिन हम शीर्ष पर रहना चाहते थे। मुंबई इंडियंस के खिलाफ जीत ने हमें काफी आत्मविश्वास दिया। वो काफी ट्रिकी पीरियड था, लेकिन उस जीत के बाद हमारा विश्वास वापस आ गया था। हमें ट्रॉफी जीतने के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ा था। हमारी गेंदबाजी इस बार वर्ल्ड क्लास थी। हेजलवुड, भुवी और रसिख सभी काफी शानदार थे। हमारी टीम में वो बैलेंस और स्ट्रेंथ था, जहां आपको यह महसूस न हो कि टीम के लिए अकेले आपको ही आगे आना है, वाकई अद्भुत है।
इस आदत से हैं महान खिलाड़ी
मैच में कोहली ने रबाडा और सिराज पर आक्रामक रुख अपनाते हुए सिर्फ 12 गेंदों में 35 रन बना लिए। लगभग 10वें ओवर से उन्हें ऐंठन महसूस होने लगी, लेकिन उन्होंने हार मानने का कोई संकेत नहीं दिया। उन्होंने दो बार पानी का ब्रेक लिया और जैसे ही उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने तुरंत ड्रेसिंग रूम को और रन बनाने का इशारा किया। ये छोटी-छोटी बातें लग सकती हैं, लेकिन किसी भी युवा महत्वाकांक्षी क्रिकेटर के लिए ये एक शक्तिशाली सबक देती हैं। साथ ही प्रतिबद्धता, लचीलापन और एक महान क्रिकेटर की विशिष्ट मानसिकता ऐसी ही दिखती है।
