Vijay Hazare Trophy First Semifinal Highlights: विजय हजारे ट्रॉफी का रोमांचक मुकाबला अंतिम मोड़ पर पहुंच चुका है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में कर्नाटक का सामना डिफेंडिंग चैम्पियन हरियाणा से हुई। इस मुकाबले में कर्नाटक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हरियाणा 5 विकेट से शिकस्त दी और खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। कर्नाटक की टीम पांचवीं बार खिताबी मुकाबले में पहुंची है। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में कर्नाटक ने टॉस जीता औ पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले खेलते हुए हरियाणा ने 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 237 रन का स्कोर बनाया। टीम ने कर्नाटक को 238 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में खेलने उतरी कर्नाटक की टीम ने 47.2 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
कर्नाटक ने डिफेंडिंग चैम्पियन हरियाणा को दी मात। (फोटो- BCCI Domestic Screengrab)
हरियाणा की बल्लेबाजी रही खराब
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी डिफेंडिंग चैम्पियन हरियाणा की बल्लेबाजी खराब रही। टीम दो खिलाड़ी ही 40 से अधिका का स्कोर कर पाए। हिमांशु राणा ने 75 गेंदों पर 4 चौके की मदद से 44 रन की पारी खेली, जबकि कप्तान अंकित कुमार ने 52 गेंदों पर 7 चौके की मदद से 48 रन की पारी खेली। इसके बाद कोई भी खिलाड़ी 25 रन का स्कोर नहीं छू सके। कर्नाटक के अभिलाष शेट्टी ने सबसे ज्यादा 4 विकेट चटकाए।
मयंक फेल, देवदत्त-स्मरन ने खेली जिताऊ पारी
जवाब में खेलने उतरी कर्नाटक की टीम ने शेष 16 गेंद शेष रहते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया। टीम के कप्तान मयंक अग्रवाल बड़ी पारी नहीं खेल पाए। उन्होंने 3 गेंदों का सामना किया और बिना खाता खोले ही वापस पवेलियन लौट गए। देवदत्त पडिक्कल ने सबसे बड़ी पारी खेली। उन्होंने 113 गेंदों पर 8 चौके और एक छक्के की मदद से 86 रन की पारी खेली, जबकि रविचंद्रन स्मरन ने 94 गेंदों पर 3 चौके और इतने की छक्के की मदद से 76 रन की पारी खेली। इसके अलावा श्रेयस गोपाल और अभिनव मनोहर ने नाबाद रहते हुए टीम को जीत दिलाई।
कर्नाटक पांचवीं बार फाइनल में
कर्नाटक की टीम जब भी विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची है, तब टीम चैम्पियन बनी है। इससे पहले कर्नाटक की टीम ने 2013-14 में रेलवे की टीम को हराकर पहली बार चैम्पियन बनी थी। इसके अगले सीजन 2014-15 में भी टीम ने पंजाब को हराकर दूसरी बार खिताब जीता था। टीम ने 2017-18 में सौराष्ट्र को हराकर तीसरी बार और 2019-10 में तमिलनाडु को हराकर चौथी बार चैम्पियन बनी थी। बता दें कि विजय हजारे ट्रॉफी टूर्नामेंट 2002–03 से पहले तक जोनल लेवल पर होता है। इस दौरान भी कर्नाटक चार बार चैम्पियन रहा है।
