ग्लास्गो: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों को भारतीय मुक्केबाजों ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से हमेशा के लिए यादगार बना दिया है। भारत के 10 मुक्केबाज 23वें राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धाओं के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल हुए थे। शुक्रवार को सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारतीय मुक्केबाज अब 10 गोल्ड मेडल के लिए रिंग में विरोधियों से दो-दो हाथ करते नजर आएंगे। यह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारतीय मुक्केबाजों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय मुक्केबाजों ने दस सिल्वर मेडल तो पक्के कर दिए हैं। अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को अगर सभी फाइनल में भी जारी रखते हैं तो ग्लास्गो में भारतीय बॉक्सिंग का स्वर्णिम इतिहास रच जाएगा।
भारतीय मुक्केबाजों का ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदर्शन (फोटो क्रेडिट AI Generated)
मुक्केबाजों का परफेक्ट-10
फाइनल में प्रीति पवार(विमेंस 54 किग्रा), अंकुश पंघल(पुरुष 80 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया(विमेंस 57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (विमेंस 70 किग्रा), जादुमणि सिंह (पुरुष 55 किग्रा), साक्षी चौधरी( विमेंस 51 किग्रा), प्रिया घंघास(विमेंस 60 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन( विमेंस 75 किग्रा), सचिन सिवाच(पुरुष 60 किग्रा), नरेंदर बेरवाल(90 किग्रा) फाइनल में पहुंचे हैं।
प्रीति पवार ने शुरू किया जीत का सिलसिला
बॉक्सिंग रिंग में भारतीय खिलाड़ियों की जीत का सिलसिला प्रीति पवार ने 54 किग्रा भारवर्ग में जांबिया की कैथरीन मवापे के खिलाफ जीत के साथ किया। इसके बाद अंकुश पंघल ने कनाडा के जोशुआ ओफोरी के खिलाफ जीत दर्ज करके फाइनल में अपनी जगह पक्की की। इसके बाद जैस्मिन लंबोरिया ने लेसेथो की रेपलांग मसेलेला को महिलाओं के 57 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में धमाकेदार अंदाज में एंट्री की। जीत इस सिलसिले को अरुंधति चौधरी ने वेल्स की मुक्केबाज रोज़ी एक्लेस के खिलाफ जारी रखा और गोल्ड मेडल मुकाबले में अपनी जगह पक्की करने में सफल रहीं। इसके बाद जादुमणि सिंह ने पुरुषों के 55 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में नामीबिया के फिलिप पुमूलो मुताकेला हाउसेब को पटखनी देकर फाइनल का टिकट हासिल करने में सफल रहे।
नरेंदर बेरवाल ने जीत के साथ खत्म किया दिन
देर रात प्रिया घंघास में इंग्लैंड की लूसी किंग को महिलाओं के 60 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद लवलीना बोरगोहेन ने तुवालू की मु्क्केबाज तारोना ताफाकी को मात देकर महिलाओं के 75 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में अपनी जगह पक्की करने में सफल रही। दिन के आखिरी दो सेमीफाइनल मुकाबलों में सचिन सिवाच ने वेल्स के ओवैन हैरिल ऐलन और नरिंदर बेरवाल त्रिनिदाद एंड टोबेगो के निगेल पॉल को पटखनी देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की करने में सफल रहे। भारत के सभी मुक्केबाजों ने एकतरफा अंदाज में फाइनल में प्रवेश किया है। फाइनल मुकाबलों में परफेक्ट 10 प्रदर्शन को उनसे दोहराने की उम्मीद की जा रही है।
भारत का बॉक्सिंग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
भारतीय मुक्केबाजों ने ग्लास्गो में 10 सिल्वर मेडल पक्के कर दिए हैं। ये भारतीय मुक्केबाजों का राष्ट्रमंडल खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2020 में दिल्ली और साल 2022 में बर्मिंघम में रहा था, जहां भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 7-7 पदक जीते थे। भारतीय मुक्केबाज 10 गोल्ड का ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम करने की दहलीज पर पहुंच गए हैं।
