CWG 2026: परफेक्ट टेन! बॉक्सिंग में भारत का धमाल, फाइनल में पहुंचे दस मुक्केबाज, स्वर्णिम इतिहास रचने पर अब नज़र

भारत के दस के दस मुक्केबाज ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में विभिन्न भारवर्ग के फाइनल में पहुंच गए हैं। इन सभी ने सिल्वर मेडल तो पक्के कर लिए हैं लेकिन अब उनकी नजर 10 गोल्ड जीतकर स्वर्णिम इतिहास रचने पर है।

ग्लास्गो: ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों को भारतीय मुक्केबाजों ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से हमेशा के लिए यादगार बना दिया है। भारत के 10 मुक्केबाज 23वें राष्ट्रमंडल खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धाओं के सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल हुए थे। शुक्रवार को सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारतीय मुक्केबाज अब 10 गोल्ड मेडल के लिए रिंग में विरोधियों से दो-दो हाथ करते नजर आएंगे। यह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारतीय मुक्केबाजों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारतीय मुक्केबाजों ने दस सिल्वर मेडल तो पक्के कर दिए हैं। अपने ऐतिहासिक प्रदर्शन को अगर सभी फाइनल में भी जारी रखते हैं तो ग्लास्गो में भारतीय बॉक्सिंग का स्वर्णिम इतिहास रच जाएगा।

India Boxers in Glasgow CWG

भारतीय मुक्केबाजों का ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में प्रदर्शन (फोटो क्रेडिट AI Generated)

मुक्केबाजों का परफेक्ट-10

फाइनल में प्रीति पवार(विमेंस 54 किग्रा), अंकुश पंघल(पुरुष 80 किग्रा), जैस्मिन लंबोरिया(विमेंस 57 किग्रा), अरुंधति चौधरी (विमेंस 70 किग्रा), जादुमणि सिंह (पुरुष 55 किग्रा), साक्षी चौधरी( विमेंस 51 किग्रा), प्रिया घंघास(विमेंस 60 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन( विमेंस 75 किग्रा), सचिन सिवाच(पुरुष 60 किग्रा), नरेंदर बेरवाल(90 किग्रा) फाइनल में पहुंचे हैं।

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