पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया को साफ शब्दों में नसीहत दी है। गावस्कर ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि भारत 'बदलाव के दौर' यानी ट्रांजिशन की सोच से बाहर निकले। उन्होंने गेंदबाजी के बजाय बल्लेबाजी को टेस्ट क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी चिंता बताया।भारत ने सोमवार को अफगानिस्तान को एकमात्र टेस्ट में पारी और 300 रन से हरा दिया। इस मैच में डेब्यू करने वाले लेफ्ट आर्म स्पिनर मानव सुथार ने कमाल कर दिया। उन्होंने पहली पारी में 6 विकेट समेत मैच में कुल 7 विकेट झटके।
सुनील गावस्कर (BCCI)
हर टीम में बदलाव होते हैं: गावस्कर
'जियोस्टार' के 'क्रिकेट लाइव' शो में गावस्कर बोले, "अब समय आ गया है कि टीम को बदलाव के दौर में बताने के बजाय टेस्ट क्रिकेट के मानकों पर परखा जाए। हर टीम में संन्यास, नए खिलाड़ियों का आना और बदलाव होते रहते हैं, लेकिन ध्यान प्रदर्शन पर होना चाहिए।" गावस्कर ने कहा कि हाल के टेस्ट नतीजे देखें तो गेंदबाजों ने अपना काम किया है। असली दिक्कत बल्लेबाजी में है। उन्होंने कहा, "बल्लेबाजों को, खासकर मुश्किल परिस्थितियों में, अधिक अनुशासन और बेहतर तकनीक दिखाने की जरूरत है।"
T20 वाली जल्दबाजी टेस्ट में मत करो
गावस्कर को बल्लेबाजों की मानसिकता पर भी ऐतराज है। उन्होंने कहा, "कई बार कुछ डॉट गेंदों के बाद खिलाड़ी T20 की मानसिकता में आ जाते हैं और जल्दबाजी में गलत फैसले कर बैठते हैं। टेस्ट क्रिकेट में अलग तरह के धैर्य और सोच की जरूरत होती है।" डेब्यू में 7 विकेट लेने वाले मानव सुथार की गावस्कर ने तारीफ की, लेकिन साथ में चेताया भी। बोले, "सात विकेट के साथ टेस्ट करियर की शुरुआत करना बेहद प्रभावशाली है, लेकिन किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन सिर्फ एक मैच के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। यह एक शानदार और उत्साहजनक शुरुआत है, लेकिन इसे मंजिल नहीं, बल्कि लंबे सफर की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए।"
