Duleep Trophy Semifinal: दक्षिण क्षेत्र के कप्तान तिलक वर्मा ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में धैर्य की मिसाल पेश करते हुए नाबाद 106 रन की पारी खेली। उनके इस शतक की बदौलत दक्षिण क्षेत्र ने उत्तर क्षेत्र के खिलाफ पहली पारी में 90 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है। उत्तर क्षेत्र पहली पारी में 195 रन पर सिमट गया था, जिसके जवाब में दक्षिण ने दिन खत्म होने तक 9 विकेट पर 285 रन बना लिए हैं। तिलक की यह पारी टेस्ट क्रिकेट की असली किताब थी। उन्होंने अपना पहला चौका 154 गेंदों के बाद लगाया। यानी 153 गेंद तक उन्होंने सिर्फ सिंगल-डबल से रन बनाए। 225 गेंदों में 7 चौकों से सजी उनकी नाबाद 106 रन की पारी में संयम और क्लास दोनों दिखा।
तिलक वर्मा (फोटो साभार- BCCI Domestic)
तिलक वर्मा की कप्तानी पारी
दक्षिण की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम ने दिन की शुरुआत 40 पर 2 विकेट से की थी। लेकिन उत्तर के तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ ने कहर बरपा दिया। उन्होंने 70 रन देकर 4 विकेट लिए और सुबह के सत्र में ही स्कोर 80 पर 5 विकेट कर दिया। बराड़ ने कल के नाबाद बल्लेबाज एन जगदीशन (36) को बोल्ड किया, फिर आर स्मरण (27) और हिमतेजा (0) को आउट कर दक्षिण को बैकफुट पर धकेल दिया। यहां से तिलक को श्रेयस गोपाल का साथ मिला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 175 रन की मैच जिताऊ साझेदारी की। दोनों का अंदाज बिल्कुल अलग था। गोपाल ने आक्रामक खेल दिखाया और 169 गेंदों में 11 चौकों की मदद से 87 रन बनाए, जबकि तिलक दूसरे छोर पर दीवार बनकर खड़े रहे।
बढ़त पर होगी दक्षिण क्षेत्र की नजर
उत्तर क्षेत्र को एक मौका भी मिला था, जब अंशुल कंबोज की गेंद पर तिलक के खिलाफ LBW की जोरदार अपील हुई, लेकिन अंपायर ने नकार दिया। आखिरकार अर्शदीप सिंह ने 59 रन देकर 2 विकेट लिए और गोपाल को आउट कर इस बड़ी साझेदारी को तोड़ा। अंशुल कंबोज को भी 2 विकेट मिले। गोपाल के आउट होते ही दक्षिण ने जल्दी-जल्दी 3 विकेट और गंवा दिए। तनय त्यागराजन (6) और विद्वथ कावेरप्पा सस्ते में आउट हो गए। लेकिन एक छोर से तिलक डटे रहे। वह कावुरी साईतेजा के साथ नाबाद लौटे हैं। अब दक्षिण की नजर बढ़त को 120-130 तक ले जाने पर होगी।
