'मुझे अपने पसंद की टीम चुनने की आजादी नहीं थी', सचिन तेंदुलकर ने अपने कप्तानी कार्यकाल का 'काला अध्याय' बयां किया

Sachin Tendulkar On His Captaincy Tenure: टीम इंडिया के महान पूर्व बैटर सचिन तेंदुलकर ने एक ऑनलाइन सवाल-जवाब सत्र में फैंस के सवालों के जवाब दिए। इस दौरान जब उनके कप्तानी कार्यकाल से जुड़ा सवाल हुआ तो सचिन ने खुलकर उस काले अध्याय को सामने रख दिया।

भारत के महान पूर्व बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर जब भी कोई बात रखते हैं तो क्रिकेट फैंस के लिए वो काफी मायने रखती है। इस बार उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के साथ अपने कप्तानी के कार्यकाल के बारे में खुलकर बात की और उस दौर पर अपनी ईमानदार राय रखी। सचिन तेंदुलकर, जिन्हें सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक माना जाता है, ने बताया कि उन्हें अपनी पसंद के खिलाड़ियों को टीम में चुनने की पूरी आजादी नहीं थी। उन्होंने ये भी कहा कि उस समय की तुलना में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अब कहीं अधिक पेशेवर हो गया है।

Sachin Tendulkar Reveals Dark Phase Of His Captaincy Tenure

सचिन तेंदुलकर

सचिन ने अपने कार्यकाल के अंत में भारतीय क्रिकेट को प्रभावित करने वाले मैच-फिक्सिंग विवाद का भी जिक्र किया और उस दौर को राष्ट्रीय टीम के लिए एक 'काला अध्याय' (डार्क फेज़) बताया। रेडिट पर 'आस्क मी एनीथिंग' (मुझसे कुछ भी पूछें) सेशन के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए सचिन ने कहा, "कप्तान के तौर पर टीम का नेतृत्व करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। हालांकि, मुझे हमेशा अपनी टीम खुद चुनने की पूरी आजादी नहीं थी। 1990 के दशक की तुलना में आज का BCCI कहीं अधिक पेशेवर संगठन है। उस दौर में भारतीय क्रिकेट एक बहुत ही बुरे दौर से भी गुजरा था।"

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