गुवाहाटी: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज के दूसरे मुकाबले में अपना अतिशी रूप दिखाया जिसके मुरीद पूरी दुनिया के क्रिकेट फैन्स हैं। रोहित शर्मा ने शुभमन गिल के साथ पारी की शुरुआत आतिशी अंदाज में करते हुए अपना अर्धशतक 32 गेंद में 5 चौके और 4 छक्के की मदद से पूरा किया। इस तेजी को उन्होंने आगे भी बरकरार रखा और वनडे करियर का 35वां शतक 72 गेंद में 10 चौके और छह छक्के की मदद से पूरा किया। अर्धशतक से शतक का सफर रोहित ने 40 गेंद में पूरा किया।
रोहित शर्मा
सील्स ने किया हिटमैन की सुपरहिट पारी का अंत
रोहित ने पहले विकेट के लिए शुभंमन गिल के साथ 255 रन की साझेदारी की। रोहित 101(75) रन बनाकर पवेलियन लौटे। जेडन सील्स ने 27वें ओवर की दूसरी गेंद पर उन्हें एलबीडब्लू कर दिया। रोहित ने फील्ड अंपायर के फैसले को चुनौती दी लेकिन फैसला नहीं बदला। रोहित ने 134.66 के स्ट्राइक रेट वाली अपनी धमाकेदार पारी में 10 चौके और 6 छक्के जड़े।
पहले विकेट के लिए भारत में सबसे बड़ी साझेदारी
रोहित शर्मा और गिल की जोड़ी वनडे में भारत के लिए पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली जोड़ी का भारतीय रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गई। दोनों ने साल 2001 में कीनिया के खिलाफ पहले विकेट के लिए नाबाद 258 रन की साझेदारी दक्षिण अफ्रीका के पार्ल में की थी। हालांकि दोनों के बीच हुई साझेदारी भारतीय सरजमीं पर वनडे क्रिकेट में पहले विकेट के भारत के लिए हुई सबसे बड़ी साझेदारी का नया रिकॉर्ड है। शिखर धवन और अजिंक्य रहाणे के बीच साल 2014 में कटक में पहले विकेट के लिए 231 रन जोड़े थे। रोहित और गिल की जोड़ी इस रिकॉर्ड से आगे निकल गई।
वनडे में बने 12 हजारी, भारत में पूरे किए वनडे में 200 छक्के
रोहित ने अपनी इस पारी के दौरान वनडे क्रिकेट में 12 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। वो मैच और गेंद दोनों के हिसाब से इस मुकाम पर पहुंचने वाले विराट कोहली के बाद दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बने। रोहित ने 101 रन की पारी के दौरान 6 छक्के भी जड़े और वो वनडे क्रिकेट में भारतीय सरजमीं पर 200 या उससे ज्यादा छक्के जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बने। वो किसी एक देश में ऐसा करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी हैं। रोहित अगर दो रन और बना लेते तो वो वनडे क्रिकेट में बतौर ओपनर 10 हजार रन पूरे कर लेते। सील्स ने उन्हें ये उपलब्धि हासिल करने से रोक दिया।
