हैदराबाद और राजस्थान के मुकाबले में फैंस उस वक्त हैरान रह गए, जब रियान पराग ने रवींद्र जडेजा से एक भी ओवर गेंदबाजी नहीं कराई। मैच के बाद कप्तान रियान पराग ने इसके पीछा का कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पल भर में लिया गया फैसला था। जडेजा ने बल्लेबाजी में 45 रन बनाकर राजस्थान की हार का अंतर कम किया।
रिया पराग ने जडेजा से नहीं कराई गेंदबाजी। फाइल फोटो
हैदराबाद में खेले गए इस मुकाबले में मेजबान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 216 रन बनाए। ईशान किशन ने 91 रन की पारी खेली। मुकाबले के दौरान रवींद्र जडेजा से गेंदबाजी नहीं कराए जाने का फैसला चर्चा का विषय बन गया। रियान पराग ने छह गेंदबाजों का इस्तेमाल किया लेकिन जडेजा से एक भी ओवर नहीं कराया।
ईशान किशन के डर से लिया गया फैसला
रियान पराग ने माना कि रवींद्र जडेजा को गेंदबाजी के लिए इस्तेमाल न करने का उनका निर्णय 'पल भर के लिए' लिया गया था। इस फैसले के पीछे का कारण बताते हुए पराग ने मैच की स्थिति और मध्य ओवरों के दौरान शानदार फॉर्म में चल रहे ईशान किशन की तूफानी बल्लेबाजी की ओर इशारा किया।
बिश्नोई पर जताया भरोसा
पराग ने मैच के बाद कहा, जहां तक जड्डू भाई से गेंदबाजी नहीं कराने का सवाल है तो उस वक्त ईशान भाई काफी अच्छी बैटिंग कर रहे थे तो मैं कोई रिस्क नहीं लेना चाहता था। मैंने उस वक्त बिश्नोई पर भरोसा जताया।
फैसले की हुई आलोचना
बाद में इस फैसले पर सवाल उठे। खासकर तब जब एसआरएच ने स्पिन गेंदबाजी में विविधता की कमी का फायदा उठाते हुए एक मजबूत स्कोर खड़ा किया। शुरुआती विकेट गिरने के बाद किशन की 91 रनों की पारी ने हैदराबाद को वापसी का मौका दिया।
फरेरा के साथ की 118 रन की साझेदारी
बल्लेबाजी में रवींद्र जडेजा ने टीम के लिए अहम पारी खेली। साथ ही डॉनोवन फरेरा के साथ 118 रन की साझेदारी भी की। जडेजा अर्धशतक से चूक गए तो वहीं फरेरा 69 रन बनाकर आउट हुए। राजस्थान की पूरी टीम 159 रन बनाकर सिमट गई।
