हाल ही में आईपीएल 2023 का फाइनल मुकाबला खत्म हुआ है जहां चेन्नई सुपर किंग्स ने गुजरात को हराकर 5वीं बार खिताब जीता है, लेकिन आज से ठीक 15 साल पहले 1 जून को इंडियन प्रीमियर लीग का पहला फाइनल मुकाबला खेला गया था, जहां राजस्थान टीम चैंपियन बनी थी। राजस्थान ने चेन्नई के खिलाफ आखिरी गेंद पर जीत दर्ज की थी। राजस्थान की कमान ऑस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न के हाथो में थी और उनकी टीम ने सभी स्टार टीमों को हराकर यह मुकाम हासिल कर सबको चौंका दिया था।
शेन वॉर्न और युसुफ पठान (साभार-ट्वीटर)
चेन्नई और राजस्थान के बीच पहला फाइनल
चेन्नई और राजस्थान के बीच पहला फाइनल मुकाबला खेला गया था। इस मैच में चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 163 रन बनाए। चेन्नई की तरफ से सुरेश रैना ने सर्वाधिक 43 रन की पारी खेली। इसके अलावा पार्थिव पटेल 33 गेंद में 38 रन की पारी खेली। जवाब में राजस्थान की टीम ने 7 विकेट के नुकसान पर आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में लक्ष्य हासिल कर लिया था और पहली बार शेन वॉर्न की कप्तानी में चैंपियन बनी थी।
रोमांचक रहा था मुकाबला
राजस्थान को जीत के लिए 14 गेंद नें 21 रन की दरकार थी और उसके सबसे सफल बल्लेबाज युसुफ पठान 39 गेंद पर 56 रन की पारी खेलकर रन आउट हो गए थे। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज सोहेल तनवीर बल्लेबाजी करने आए जिनका शेन वॉर्न ने बाखूबी साथ दिया।
आखिरी ओवर का रोमांच
आखिरी ओवर में राजस्थान को 6 गेंद में 8 रन की दरकार थी। चेन्नई के गेंदबाजों के पास डिफेंड करने का अच्छा मौका था, लेकिन तनवीर और वॉर्न की सूझ-बूझ ने ये रन बना लिए और एक ऐसी टीम चैंपियन बनी जिसके बारे में किसी ने कल्पना नहीं की थी। उस सीजन रवींद्र जडेजा का कमाल दुनिया ने देखा और वॉर्न ने उन्हें रॉकस्टार की उपाधि दी।
